केंद्रीय मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि भारत 2030 तक 30 करोड़ टन स्टील उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखता है। देश में बढ़ती बुनियादी ढांचा मांग और ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर जोर के साथ स्टील सेक्टर को नई ऊँचाई मिलने वाली है।

केंद्रीय स्टील राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में बताया कि भारत का लक्ष्य 2030 तक 30 करोड़ टन क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता हासिल करना है। यह जानकारी उन्होंने स्वीडन के ऊर्जा, व्यापार और उद्योग मंत्री की स्टेट सेक्रेटरी सारा मोडिग के साथ हुई बैठक के दौरान साझा की। बैठक में स्वीडिश राजदूत जान थेस्लेफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के स्टील क्षेत्र की तेजी से बढ़ती क्षमता का जिक्र किया।

स्टील मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की वजह से घरेलू स्टील की मांग 11-13 प्रतिशत की मजबूत दर से बढ़ रही है, जबकि वैश्विक मांग कमजोर बनी हुई है। बैठक में ग्रीन स्टील प्रोडक्शन, एडवांस टेक्नोलॉजी और रिसर्च-डेवलपमेंट के क्षेत्र में भारत-स्वीडन सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने स्वीडन को भारत स्टील 2026 में भाग लेने का निमंत्रण दोहराया। यह इंटरनेशनल स्टील इवेंट 16-17 अप्रैल, 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2025 में भारत के आठ प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 3 प्रतिशत रही, जिसमें इस्पात और सीमेंट सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसी अवधि में, बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग के चलते स्टील उत्पादन में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल से सितंबर 2025-26 के दौरान इस्पात उत्पादन की संचयी वृद्धि पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक रही, जिससे भारत का स्टील सेक्टर मजबूती से आगे बढ़ता दिख रहा है।

Updated On 3 Nov 2025 1:34 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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