Delhi Outer District Police : देश की राजधानी दिल्ली के आउटर डिस्ट्रिक्ट में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से साल 2025 में एक अभूतपूर्व अभियान चलाया गया, जिसने घुसपैठियों के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। पूरे साल चले इस सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 548 विदेशी नागरिकों को चिन्हित किया, जो बिना किसी वैध वीज़ा या कानूनी दस्तावेजों के राजधानी की घनी बस्तियों में छिपकर रह रहे थे। पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी अनधिकृत प्रवास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बड़े ऑपरेशन की शुरुआत तब हुई जब सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में अवैध प्रवास के चलते कानून-व्यवस्था बिगड़ने के इनपुट मिले थे।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सचिन शर्मा के नेतृत्व में इस पूरे मिशन को अंजाम दिया गया, जिसमें आउटर डिस्ट्रिक्ट की विभिन्न इकाइयों और स्थानीय थानों की विशेष टीमों ने दिन-रात एक कर दिया। आंकड़ों पर नज़र डालें तो फॉरेनर्स सेल ने इस अभियान में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हुए 318 विदेशी नागरिकों को दबोचा। इसके अलावा निहाल विहार और मुंडका जैसे इलाकों में पुलिस ने व्यापक छापेमारी कर क्रमशः 134 और 87 घुसपैठियों की पहचान की। रानी बाग से लेकर पश्चिम विहार ईस्ट तक, पुलिस की सतर्कता का आलम यह रहा कि साइबर पुलिस स्टेशन की टीमों ने भी तकनीकी सर्विलांस के जरिए दो संदिग्धों को पकड़ने में सफलता हासिल की।

गिरफ्तार किए गए नागरिकों की राष्ट्रीयता के आंकड़ों ने सुरक्षा विश्लेषकों को भी चौंका दिया है। पकड़े गए 548 लोगों में सबसे बड़ी तादाद बांग्लादेशी नागरिकों की रही, जिनकी कुल संख्या 380 दर्ज की गई है। इसके साथ ही नाइजीरिया के 111 नागरिक और आइवरी कोस्ट, घाना, सेनेगल समेत कई अफ्रीकी देशों के नागरिक भी अवैध रूप से निवास करते पाए गए। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से कई विदेशी नागरिक अपने वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बावजूद वर्षों से दिल्ली के अलग-अलग मोहल्लों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। कुछ मामलों में तो रूस और गिनी जैसे देशों के नागरिक भी अवैध प्रवास की सूची में शामिल मिले।

पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है। दिल्ली पुलिस ने इन सभी को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के समक्ष पेश किया, जहां से उनके अवैध प्रवास की पुष्टि होने के बाद देश निकाला यानी डिपोर्टेशन के आदेश जारी कर दिए गए। फिलहाल इन सभी को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है, जहां से इन्हें इनके संबंधित देशों में भेजने की आधिकारिक कार्यवाही की जा रही है। आउटर डिस्ट्रिक्ट पुलिस का यह अभियान केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि राजधानी को बाहरी खतरों से सुरक्षित रखने की एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है। इस कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि अवैध प्रवास पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है और आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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