हरियाणा के फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने हाल ही में यूनिवर्सिटी से जुड़े एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया था, जिसके कमरे से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए थे। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस ने कैंपस और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखी हुई है।

घटना के बाद उठते सवालों के बीच अल-फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। संस्थान ने कहा है कि जिन डॉक्टरों के नाम जांच में सामने आए हैं, वे केवल अपने आधिकारिक कार्यों से जुड़े थे और यूनिवर्सिटी के साथ उनका कोई निजी या प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।

प्रेस रिलीज में यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि कैंपस में किसी भी प्रकार के खतरनाक रसायन या विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाता। सभी लैब्स केवल मेडिकल और एजुकेशनल ट्रेनिंग के लिए निर्धारित हैं, जहाँ एमबीबीएस छात्रों को शिक्षा और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी दावा किया कि संस्थान की सभी प्रयोगशालाएं निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल्स के तहत संचालित होती हैं।

इससे पहले फरीदाबाद पुलिस ने बताया था कि गिरफ्तार संदिग्ध के पास से करीब 360 किलो विस्फोटक और कई आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। वहीं, जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े एक और संदिग्ध का संबंध भी इसी यूनिवर्सिटी से था। इन खुलासों के बाद पुलिस ने कैंपस में लगातार छापेमारी शुरू की है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

हालांकि, अल-फलाह यूनिवर्सिटी का कहना है कि संस्थान का किसी भी अवैध गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है और वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। प्रशासन ने जनता और मीडिया से अपील की है कि अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दिया जाए और जांच पूरी होने का इंतजार किया जाए।

फरीदाबाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले के तकनीकी पहलुओं पर काम कर रही हैं। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश में है कि विस्फोटक सामग्री कहाँ से आई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। वहीं, यूनिवर्सिटी की सफाई के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है, जिस पर अब जांच एजेंसियों की निगाहें टिकी हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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