अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं पाल सकेंगे Pet Dog? जानिए क्या है गुरुग्राम में MCG का सख्त आदेश
गुरुग्राम में बढ़ते डॉग बाइट मामलों के बीच नगर निगम (MCG) ने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन फिर से अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण वाले कुत्तों के मालिकों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। जानिए 500 रुपये शुल्क, जरूरी दस्तावेज, रजिस्ट्रेशन नियम, BNS के तहत कार्रवाई की चेतावनी और इस अभियान के पीछे की पूरी वजह।

समीक्षा करते नगर निगम अधिकारी (बाएं) और पट्टे से बंधा हुआ एक कुत्ता (दाएं)
गुरुग्राम में लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने एक बार फिर शहर के सभी पालतू कुत्ता मालिकों को अपने पालतू कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का निर्देश जारी किया है। निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई पालतू कुत्ता बिना पंजीकरण के पाया जाता है तो संबंधित मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि यह कोई नया कानून नहीं है, बल्कि पहले से लागू नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, क्योंकि वर्षों से नियम लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अब भी उनका पालन नहीं कर रहे हैं।
नगर निगम के अनुसार, गुरुग्राम में प्रतिदिन 100 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। निगम का कहना है कि बार-बार निर्देश जारी करने के बावजूद अधिकांश पालतू कुत्ता मालिकों ने अब तक अपने पालतू जानवरों का पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में पालतू जानवरों की पहचान सुनिश्चित करने, जिम्मेदार पालतू पशु पालन को बढ़ावा देने और नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से यह अभियान दोबारा शुरू किया गया है।
नगर निगम ने बताया कि प्रत्येक पालतू कुत्ते का पंजीकरण हरियाणा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (रजिस्ट्रेशन एंड प्रॉपर कंट्रोल ऑफ डॉग्स) बाय-लॉज़, 2008 के तहत कराया जाना अनिवार्य है। पंजीकरण की वैधता समाप्त होने पर समय पर उसका नवीनीकरण कराना भी आवश्यक होगा। इसके अलावा प्रत्येक पंजीकृत कुत्ते के गले में नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक रजिस्ट्रेशन टोकन पहनाना अनिवार्य रहेगा। निगम ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी पालतू कुत्तों का टीकाकरण समय-समय पर कराया जाए और विशेष रूप से एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड हमेशा अद्यतन रखा जाए।
नगर निगम ने नए पंजीकरण के लिए 500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है। जिन पालतू कुत्तों का पहले से पंजीकरण हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन पंजीकरण की अवधि समाप्त होने पर उसका नवीनीकरण अनिवार्य रहेगा। पंजीकरण प्रक्रिया के लिए पालतू कुत्ता मालिकों को एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र, अपना पहचान एवं पते का प्रमाण तथा पालतू कुत्ते की फोटो या उससे संबंधित आवश्यक विवरण प्रस्तुत करना होगा। नगर निगम ने यह सुविधा अपने ऑनलाइन सिटीजन सर्विसेज पोर्टल पर उपलब्ध कराई है। इससे पहले यह प्रक्रिया सरल हरियाणा पोर्टल और विभिन्न नागरिक सुविधा केंद्रों के माध्यम से भी संचालित की जाती रही है।
हालांकि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022 में ही पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया था, लेकिन गुरुग्राम में इसका पालन अपेक्षित स्तर तक नहीं हो सका। हालिया आंकड़ों के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में पालतू कुत्ते होने के बावजूद अब तक केवल लगभग 2,290 कुत्तों का ही आधिकारिक पंजीकरण कराया गया है। इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने घर-घर जाकर पंजीकरण अभियान और माइक्रोचिपिंग जैसी पहल भी शुरू की थी, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में पालतू कुत्ते अब भी बिना पंजीकरण के हैं।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी पालतू कुत्ते की लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति पर हमला होता है या उसे गंभीर नुकसान पहुंचता है, तो संबंधित मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। निगम का कहना है कि पालतू पशु पालने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने पालतू जानवर का पंजीकरण कराए, समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करे और उसे उचित नियंत्रण में रखे ताकि सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
नगर निगम गुरुग्राम का मानना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि शहर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करना, पालतू जानवरों के टीकाकरण का अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखना, पालतू पशु मालिकों की जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा खोए या छोड़े गए पालतू जानवरों की पहचान आसान बनाना भी है। बढ़ती घटनाओं के बीच प्रशासन का यह कदम गुरुग्राम में जिम्मेदार पालतू पशु पालन और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
