दिल्ली की राजधानी फिर से गहन वायु प्रदूषण की चपेट में आ गई है। 7 दिसंबर 2025 को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 303 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। शहर के कई निगरानी स्टेशन लगातार 300 के पार AQI दर्ज कर रहे हैं, जिससे निवासियों को भारी स्मॉग और कम दृश्यता का सामना करना पड़ा। पिछले कुछ दिनों में AQI के आंकड़े लगातार उतार-चढ़ाव के संकेत दे रहे हैं: 279 → 304 → 372 → 342 → 304 → 327।


AQI 300–400 के दायरे में होने के कारण वायु की गुणवत्ता “बहुत खराब” मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति श्वसन और हृदय संबंधी स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। सांस की बीमारियों, एलर्जी, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।

वायु प्रदूषण में अचानक वृद्धि के चलते, प्रशासन ने Graded Response Action Plan (GRAP) के Stage II प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इसके तहत वाहनों, निर्माण कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी की जा रही है। सरकारी अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि GRAP के तहत निर्धारित कदम प्रदूषण को कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा प्रदूषण की स्थिति कई कारणों से उत्पन्न हुई है। ठंड की तीव्रता और कम हवा के चलते वायु में प्रदूषक अटके हुए हैं। शहरी वाहनों से निकलने वाले धुएं, औद्योगिक उत्सर्जन और निर्माण कार्यों के कण हवा में मिश्रित होकर घना धुंध उत्पन्न कर रहे हैं। ठंडी हवाओं की अनुपस्थिति के कारण यह धुंध शहर में लंबी अवधि तक बनी रही।

दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में नवंबर–दिसंबर के महीनों में वायु गुणवत्ता अक्सर खराब रहती है। इसके पीछे ठंडी सर्दी, कृषि फसलों की अवशेष जलाने की परंपरा और औद्योगिक गतिविधियों का मिश्रण जिम्मेदार माना जाता है। हालांकि प्रशासन हर साल GRAP और अन्य नियंत्रण उपाय लागू करता है, विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक प्रभावी समाधान के बिना प्रदूषण की समस्या बार-बार सामने आती रहेगी।

शहर के नागरिकों के लिए यह चेतावनी है कि भारी प्रदूषण वाले दिनों में बाहर कम से कम समय बिताएँ, मास्क का उपयोग करें और विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखें। प्रशासन की ओर से लगातार मॉनिटरिंग जारी है और आवश्यकतानुसार Stage III प्रतिबंधों की भी संभावना बनी हुई है।

इस प्रकार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हालिया गिरावट ने स्वास्थ्य और प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी है। GRAP के तहत लागू किए गए प्रतिबंध और विशेषज्ञों की चेतावनी दर्शाती है कि प्रदूषण की समस्या केवल मौसमी नहीं, बल्कि गंभीर और लगातार निगरानी की मांग करने वाली है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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