दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘द फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में 3 जून को हुए भीषण अग्निकांड की भयावहता अभी लोगों के जहन से उतरी भी नहीं थी कि अगले ही दिन हरियाणा के फरीदाबाद से एक और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ गई। 4 जून 2026 को फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी परियोजना के निर्माण स्थल पर एक विशाल गैंट्री क्रेन अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

यह दुर्घटना फरीदाबाद जिले के पन्हेरा खुर्द गांव के पास उस समय हुई जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को फरीदाबाद से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के तहत एक फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा था। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सबसे अहम अवसंरचनात्मक योजनाओं में से एक मानी जा रही है और इसके पूरा होने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के समय विशाल गैंट्री क्रेन की मदद से फ्लाईओवर के भारी-भरकम गर्डरों को उठाने का काम किया जा रहा था। इससे पहले हुई बारिश के कारण निर्माण स्थल की जमीन कीचड़युक्त और फिसलन भरी हो चुकी थी। इसी बीच तेज हवाओं और खराब मौसम ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। बताया जा रहा है कि गर्डर उठाने की प्रक्रिया के दौरान क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और कुछ ही क्षणों में पूरी संरचना धराशायी हो गई।

क्रेन गिरते ही वह वहां मौजूद शिपिंग कंटेनरों पर जा गिरी, जिनका उपयोग अस्थायी साइट कार्यालय और मजदूरों के विश्राम स्थल के रूप में किया जा रहा था। भारी धातु संरचना और कंटेनरों के मलबे के नीचे कई मजदूर दब गए। प्रारंभिक रिपोर्टों में आशंका जताई गई थी कि पांच से सात मजदूर मलबे में फंसे हो सकते हैं, जिसके बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।

दोपहर लगभग 1:30 से 2:00 बजे के बीच हुए इस हादसे के कुछ ही देर बाद स्थानीय प्रशासन को सूचना मिली। करीब 3 बजे पुलिस और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद शाम तक लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने गैस कटर और भारी मशीनों की मदद से मुड़े-तुड़े लोहे और क्षतिग्रस्त कंटेनरों को काटकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। स्थानीय ग्रामीणों और निर्माण कार्य में लगे अन्य मजदूरों ने भी बचाव कार्य में सहायता की।

कई घंटों तक चले अभियान के बाद तीन मजदूरों के शव बरामद किए गए, जबकि एक श्रमिक को जीवित बाहर निकाला गया। हालांकि उसके दोनों पैरों को गंभीर चोटें आईं और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात तक प्रशासन ने तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि कर दी।

हादसे के बाद फरीदाबाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम और तेज हवाएं दुर्घटना की एक संभावित वजह हो सकती हैं, लेकिन वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। जांच एजेंसियां क्रेन की तकनीकी स्थिति, भार उठाने की प्रक्रिया, बारिश के बाद जमीन की मजबूती, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन, उपकरणों के रखरखाव रिकॉर्ड तथा परियोजना की निगरानी व्यवस्था की जांच कर रही हैं।

जिस परियोजना पर यह हादसा हुआ, वह लगभग 31.4 किलोमीटर लंबी है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत विकसित की जा रही है। करीब 2,414 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा समय घटकर लगभग 15 से 20 मिनट रह जाने की उम्मीद है। यही कारण है कि इस निर्माणाधीन परियोजना को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिल्ली के होटल अग्निकांड के ठीक अगले दिन सामने आई यह दुर्घटना एक बार फिर बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। तीन मजदूरों की जान लेने वाला यह हादसा न केवल प्रभावित परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि देश की बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता की ओर भी संकेत करता है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस दर्दनाक दुर्घटना के वास्तविक कारणों को सामने लाएगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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