मस्जिद के पास अवैध निर्माण तोड़ने पर कट्टरपन्तियों ने बरपाया गुस्सा ; दिल्ली पुलिस पर किया जानलेवा हमला
दिल्ली के तुर्कमैन गेट स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास उच्च न्यायालय के आदेश पर नगर निगम ने 39,000 वर्ग फुट अवैध निर्माण तोड़े। पुलिस पर हुई झड़प में पांच घायल और पांच हिरासत में। लाल क़िला विस्फोट संदिग्ध से जुड़ी संवेदनशील कार्रवाई ने शहर में हलचल मचा दी।

दिल्ली
दिल्ली के तुर्कमैन गेट क्षेत्र में फैज़-ए-इलाही मस्जिद के समीप बुधवार की सुबह भारी पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई ने शहर में सनसनी फैला दी। दिल्ली उच्च न्यायालय के नवंबर 2025 के आदेश के बाद, नगर निगम ने अवैध ढांचों को हटाने के लिए 17 बुलडोज़ का इस्तेमाल किया। यह कार्रवाई उस समय और महत्वपूर्ण हो गई जब यह खुलासा हुआ कि नवंबर 2025 के लाल क़िला विस्फोट के संदिग्ध उमार नबी ने इस मस्जिद का दौरा किया था।
नगर निगम की इस कार्रवाई के तहत रामलीला ग्राउंड के लिए निर्धारित सार्वजनिक भूमि पर बने बैंकेट हॉल, दुकानें, डिस्पेंसरी और अन्य निर्माणों को तोड़ा गया। इन अवैध निर्माणों का क्षेत्रफल लगभग 39,000 वर्ग फुट है। कार्रवाई की शुरुआत सुबह जल्दी हुई और इसमें व्यापक पुलिस सुरक्षा तैनात की गई। नगर निगम के सर्वेक्षण में यह पाया गया था कि लंबे समय से ये संरचनाएं कब्जे में थीं।
इस कार्रवाई की कानूनी पहलू की बात करें तो, दिल्ली उच्च न्यायालय ने नवंबर 2025 में एक याचिका पर आदेश पारित किया था। याचिका की पहल एक्टिविस्ट प्रीत सिरोही ने की थी, जिन्होंने अवैध कब्ज़ों और निर्माणों को हटाने की मांग की थी। नगर निगम की मेयर शेली ओबेरोई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए की गई और मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
SHOCKING. POLICE ATTACKED FOR COURT ORDERED DEMOLITION NEAR Faiz-e-Ilahi Mosque, Turkman Gate, Delhi.
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) January 7, 2026
Crowd gathered, raised slogans, tried breaking barricades.
Interestingly Red Fort suicide bomber Umar Nabi had visited the mosque before the delhi blast. pic.twitter.com/wTmMMxgOuv
हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग जमा हुए, नारेबाजी की और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान पांच पुलिसकर्मी घायल हुए और पांच व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
विशेष ध्यान इस बात पर है कि जिस क्षेत्र में यह कार्रवाई हुई, उसका लाल क़िला विस्फोट के संदिग्ध उमार नबी से संबंध है। इसने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए कार्रवाई की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे समुदाय विशेष के खिलाफ निशाना बनाने की आशंका जताई, जबकि प्रशासन ने कानून और न्यायालय के आदेशों का पालन बताया।
नगर निगम की इस कार्रवाई ने न केवल अवैध कब्ज़ों को हटाने में एक मिसाल पेश की है, बल्कि यह दर्शाता है कि न्यायालय के आदेशों के पालन में प्रशासन कितनी गंभीर है। सुरक्षा और कानूनी दृष्टि से भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह उन क्षेत्रों में नियंत्रण सुनिश्चित करता है जहां सार्वजनिक भूमि का अवैध उपयोग किया जा रहा था।
इस घटना ने दिल्ली में कानून और व्यवस्था, सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और न्यायालय के आदेशों के प्रभाव को उजागर किया है। साथ ही, यह एक संकेत भी है कि सुरक्षा और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देने के लिए प्रशासन गंभीर कदम उठाने से पीछे नहीं हटता।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
