नई दिल्ली में आयोजित ESTIC 2025 भारत की उभरती वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति का प्रतीक बन गया है। विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे भारत की डीप-टेक क्रांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।


भारत की राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ESTIC 2025 (इमर्जिंग साइंस टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव) ने देश की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की एक नई झलक पेश की है। तीन दिवसीय इस आयोजन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की डीप-टेक शक्ति की दिशा में ऐतिहासिक छलांग बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक स्तर पर विज्ञान और तकनीक की नई परिभाषा लिख रहा है।

इस आयोजन में देश-विदेश से आए तीन हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रमुख वैज्ञानिक, नीति निर्माता, शिक्षाविद और उद्योग जगत से जुड़ी हस्तियां शामिल रहीं। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तीन बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धियां देश को समर्पित की गईं भारत की पहली Quantum Security Chip (QSIP), 25-क्यूबिट Quantum Processing Unit (QPU) और स्वदेशी CAR-T Cell Therapy, जो भारत को विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि ये उपलब्धियां दिखाती हैं कि भारत अब विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में एक “ग्लोबल पावरहाउस” बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि बीते 10 वर्षों में देश ने वैज्ञानिक शोध, स्टार्टअप्स और बायोटेक सेक्टर में अभूतपूर्व प्रगति की है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई पहलें Startup India, Standup India, Gaganyaan, Deep Ocean Mission और Vaccine Mission ने भारत को नई दिशा दी है।

उन्होंने कहा कि ESTIC 2025 युवाओं, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए एक ऐसा मंच है, जहाँ वे अपने विचारों को वास्तविक नवाचार में बदल सकते हैं। इस कार्यक्रम की थीम — “Imagine, Innovate, Inspire” भारत की उस यात्रा का प्रतीक है, जो 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की ओर अग्रसर है।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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