दिल्ली के साकेत में जमींदोज हुई 5 मंजिला इमारत; मलबे में दबे कई लोग
साकेत इलाके में शनिवार शाम एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत गिरने से हादसा हुआ, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें राहत कार्य में जुटीं।

दिल्ली के साकेत में शनिवार शाम पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद मलबे से सुरक्षित निकाले गए एक घायल व्यक्ति को ले जाते बचावकर्मी और पुलिसकर्मी।
Delhi Saket building collapse news : देश की राजधानी दिल्ली का पॉश इलाका साकेत शनिवार की शाम एक भयानक हादसे से दहल उठा, जब यहाँ स्थित एक विशाल पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर जमींदोज हो गई। शनिवार की ढलती शाम को हुए इस अचानक हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। मलबे के विशाल ढेर को देखकर स्थानीय लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हादसे में कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद प्रशासन और राहत एजेंसियों ने जिंदगी बचाने के लिए मौके पर मोर्चा संभाल लिया है।
यह खौफनाक हादसा शाम करीब छह बजे के आसपास हुआ, जब साकेत स्थित यह बहुमंजिला इमारत अचानक तेज आवाज के साथ ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस इमारत में कई व्यावसायिक दफ्तर संचालित हो रहे थे। गनीमत यह रही कि हादसा वीकेंड यानी शनिवार को हुआ, जिस वजह से अधिकांश कार्यालय बंद थे और आम दिनों के मुकाबले परिसर में लोगों की मौजूदगी काफी कम थी। हालांकि, चश्मदीदों ने बताया कि इस पांच मंजिला इमारत में कुछ छात्र भी काम कर रहे थे। इस शक्तिशाली ढहने का असर इतना भयानक था कि मुख्य इमारत के साथ-साथ आस-पास की कुछ छोटी और सटी हुई इमारतों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। मलबे से अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि कई अन्य अपनों की तलाश में रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं।
हादसे की भयावहता को देखते हुए दिल्ली अग्निशमन सेवा को शाम करीब 7:44 बजे मामले की आधिकारिक सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियों को तुरंत उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना किया गया। डीएफएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद पुष्टि की है कि ढह चुकी इस पांच मंजिला इमारत का कुछ हिस्सा निर्माणाधीन था, जो तकनीकी रूप से हादसे का एक बड़ा कारण हो सकता है। फिलहाल दमकल कर्मियों के साथ अन्य शीर्ष बचाव एजेंसियां और स्थानीय पुलिस प्रशासन कंक्रीट और सरियों के मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
दिल्ली अग्निशमन सेवा और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है और इस समय प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में दबी जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकालना है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी इमारत के मलबे को साफ करने और गहन तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही इस दर्दनाक हादसे में हुए कुल नुकसान और हताहतों के सही और सटीक आंकड़े सामने आ सकेंगे। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा और निर्माण मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में जांच के रूप में देखने को मिल सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
