Delhi new ration card online application 2026 : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने पिछले 13 वर्षों से ठप पड़ी नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को न सिर्फ दोबारा शुरू कर दिया है, बल्कि पात्रता के नियमों में भी अभूतपूर्व ढील देने का ऐलान किया है। सरकार ने जनहित में एक बड़ा और साहसिक फैसला लेते हुए राशन कार्ड के लिए अनिवार्य वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को सीधे ढाई लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेसवार्ता के दौरान इस रणनीतिक बदलाव की घोषणा की। सरकार के इस कदम को दिल्ली के गरीब और निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक गेम-चेंजर नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राशन सुरक्षा का दायरा कई गुना बढ़ जाएगा।

13 साल का सूखा खत्म: 15 मई से डिजिटल पोर्टल लाइव, लंबित आवेदकों को मिलेगा दोबारा मौका

प्रशासनिक सुस्ती और कानूनी अड़चनों के कारण पिछले 13 वर्षों से दिल्ली में नए राशन कार्डों का निर्माण पूरी तरह ठप पड़ा था। इस व्यवस्था को तोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नए राशन कार्ड बनाने और मौजूदा कार्डों में परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। वर्तमान में दिल्ली सरकार के पास राशन कार्ड के लिए तीन लाख बहत्तर हजार से अधिक और नाम जोड़ने के लिए लगभग निन्यानवे हजार आवेदन लंबित पड़े हैं। इन सभी पुराने आवेदकों को वर्तमान नियमों और नई पात्रता शर्तों के तहत फिर से फ्रेश ऑनलाइन आवेदन करने का सुनहरा अवसर दिया जा रहा है ताकि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके।

व्यापक ऑडिट में महा-खुलासा: 7.71 लाख फर्जी लाभार्थी सूची से निष्कासित, ऐसे हुआ खेल का पर्दाफाश

इस बड़े नीतिगत फैसले की पृष्ठभूमि में सरकार द्वारा कराया गया एक व्यापक और गहन ऑडिट है, जिसने दिल्ली की राशन वितरण प्रणाली में फैले भ्रष्टाचार की परतें खोलकर रख दी हैं। इस सरकारी जांच में कुल सात लाख इकहत्तर हजार तीन सौ चौरासी अपात्र और फर्जी लाभार्थी पाए गए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से सूची से हटा दिया गया है। इस महा-खुलासे के आंकड़ों के अनुसार छह लाख छियालीस हजार से अधिक कार्ड धारक निर्धारित आय सीमा से कहीं अधिक कमाने वाले अमीर लोग थे, जबकि पंचांवे हजार से अधिक लोग पिछले एक साल से राशन लेने ही नहीं आ रहे थे। इतना ही नहीं, छह हजार से ज्यादा मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा था और तेईस हजार से अधिक लोग एक से अधिक जगहों से फर्जी तरीके से लाभ ले रहे थे। इन फर्जी नामों के हटने से अब दिल्ली के लगभग पौने आठ लाख नए और वास्तविक हकदार परिवारों के राशन कार्ड बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

थ्री-टियर वेरिफिकेशन और डिजिटल सुरक्षा: बायोमेट्रिक और ई-वेइंग मशीनें अनिवार्य

भ्रष्टाचार और धांधली के इस पुराने ढर्रे को हमेशा के लिए समाप्त करने हेतु खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की मौजूदगी में नई त्रि-स्तरीय (थ्री-टियर) जांच प्रणाली को लागू किया गया है। अब केवल स्व-घोषणा पत्र के आधार पर राशन कार्ड नहीं बनेगा, बल्कि आवेदन के साथ निवास प्रमाण पत्र, नवीनतम आय प्रमाण पत्र और परिवार के सभी सदस्यों का विशिष्ट पहचान विवरण डिजिटल रूप से जमा करना अनिवार्य होगा। पहले चरण में दस्तावेजों की स्क्रूटनी होगी, दूसरे चरण में सहायक आयुक्त जांच करेंगे और तीसरे चरण में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की अध्यक्षता वाली एक कड़क जिला समिति, जिसमें क्षेत्र के दो स्थानीय विधायक भी शामिल होंगे, अंतिम फैसला करेगी। इसके साथ ही राशन की दुकानों पर पारंपरिक तराजू हटाकर आधुनिक ई-वेइंग मशीनें लगाई जा रही हैं और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को सौ प्रतिशत अनिवार्य कर दिया गया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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