राजधानी दिल्ली की जहरीली होती हवा, बढ़ती गर्मी और लगातार सिकुड़ते हरित क्षेत्रों के बीच अब दिल्ली सरकार ने पर्यावरण सुधार की दिशा में एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घोषणा की है कि सरकार वर्ष 2026 के दौरान राजधानी भर में 100 “ऑक्सीजन पार्क” विकसित करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि दिल्ली के बिगड़ते वायु गुणवत्ता स्तर को नियंत्रित करना, शहरी तापमान को कम करना और लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना भी है।

दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। सर्दियों के मौसम में जहरीला स्मॉग, लगातार खतरनाक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI), तेजी से बढ़ता शहरी तापमान और शहरीकरण के कारण घटते हरित क्षेत्र राजधानी के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में सरकार की यह नई पहल दिल्ली के पर्यावरणीय भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी का पहला “ऑक्सीजन पार्क” उत्तर दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र स्थित मुखमेलपुर गांव में विकसित किया जाएगा। लगभग तीन एकड़ भूमि पर बनने वाला यह पार्क आगामी परियोजनाओं के लिए एक मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस पार्क में घने वृक्षारोपण के साथ-साथ फलदार और छायादार पेड़ों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि क्षेत्र में ऑक्सीजन स्तर बेहतर हो सके, प्रदूषण कम किया जा सके और पक्षियों के लिए अनुकूल प्राकृतिक आवास तैयार हो सके।

सरकार के अनुसार इन “ऑक्सीजन पार्कों” को सामान्य पार्कों की तरह नहीं, बल्कि हाई-डेंसिटी ग्रीन स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा। इन पार्कों में घने वृक्षारोपण, स्थानीय और फलदार पेड़, हरित वॉकिंग ज़ोन, सार्वजनिक बैठने और विश्राम क्षेत्र, जल निकाय और लैंडस्केप्ड तालाब, ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था तथा पक्षियों के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किए जाएंगे। इनका उद्देश्य ऐसे माइक्रो-क्लाइमेट ज़ोन बनाना है जो प्रदूषकों को अवशोषित कर सकें, ऑक्सीजन स्तर बढ़ा सकें, शहरी गर्मी को कम कर सकें, जैव विविधता को बढ़ावा दे सकें और लोगों को स्वच्छ मनोरंजन स्थल उपलब्ध करा सकें।

इस बड़े अभियान के साथ दिल्ली सरकार ने राजधानी में 70 लाख से अधिक पेड़, झाड़ियां और हेज लगाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। सरकार का फोकस विशेष रूप से उन इलाकों पर रहेगा जहां प्रदूषण का स्तर अधिक है और जहां शहरी गर्मी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि यह अभियान राजधानी में ग्रीन कवर बढ़ाने की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी पहलों में से एक साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर शहरी वन और घने हरित क्षेत्र स्थानीय वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल वृक्षारोपण ही पर्याप्त नहीं होगा। वाहन प्रदूषण, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने जैसी समस्याओं पर भी समान रूप से नियंत्रण जरूरी होगा, तभी दिल्ली की हवा में वास्तविक सुधार संभव हो सकेगा।

सरकार की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देशभर के बड़े शहर जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी वन और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परियोजनाओं पर तेजी से निवेश कर रहे हैं। यदि यह योजना तय समयसीमा और प्रभावी रखरखाव के साथ लागू होती है, तो दिल्ली के ये “ऑक्सीजन पार्क” आने वाले वर्षों में राजधानी की पहचान बदलने वाली सबसे बड़ी पर्यावरणीय परियोजनाओं में शामिल हो सकते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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