क्या होटल बना मौत का कुआँ ? मालवीय नगर में रेस्टोरेंट की इमारत झुलसी आग में ; 20 की दर्दनाक मौत
दिल्ली के मालवीय नगर में लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट की इमारत में आग लगने से भारी तबाही हुई है, प्रशासन ने मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अग्निकांड के बाद क्षतिग्रस्त हुई कमर्शियल इमारत के बाहर का दृश्य, जहां बुधवार को रेस्टोरेंट और होटल में भीषण आग लग गई थी।
Delhi Malviya Nagar Hotel Fire : देश की राजधानी दिल्ली का मालवीय नगर इलाका बुधवार सुबह एक खौफनाक और दिल दहला देने वाले हादसे का गवाह बना, जिसने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। मालवीय नगर स्थित 'लेमन ग्रीन' नाम के एक रेस्टोरेंट और उसके ऊपर संचालित हो रहे एक होटल की बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि उन्होंने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। इस दर्दनाक और वीभत्स हादसे में अब तक 20 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। चारों तरफ मची चीख-पुकार और खिड़कियों से निकलती आग की लपटों के बीच स्थानीय लोगों और दमकल विभाग ने सूझबूझ दिखाई, लेकिन तब तक यह इमारत कई जिंदगियों के लिए काल बन चुकी थी। डिजिटल युग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खौफनाक अंजाम की यह एक डरावनी बानगी है।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार सुबह हुई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को सुबह ठीक 09:45 बजे मालवीय नगर के इस रेस्टोरेंट में आग लगने की आपातकालीन सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियों को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद बेहद जोखिम भरे हालात में इमारत के बेसमेंट से तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बेसमेंट से रेस्क्यू किए गए इन लोगों को कैट्स (CATS) एम्बुलेंस के जरिए बिना वक्त गंवाए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इमारत की ऊपरी मंजिलों पर फंसे कई बदहवास लोगों को समय रहते बचाया नहीं जा सका और वे आग की चपेट में आ गए।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब इमारत के भीतर आग फैली, तो अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने के सारे मुख्य रास्ते और सीढ़ियां पूरी तरह बंद हो चुकी थीं। जान बचाने की जद्दोजहद में लोग बालकनी और खिड़कियों की तरफ भागे। स्थिति को भांपते हुए नीचे खड़े स्थानीय निवासियों ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया और आनन-फानन में बिल्डिंग के आगे जमीन पर बड़े-बड़े गद्दे बिछा दिए। इसके बाद ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनी से सीधे नीचे कूदने लगे। हवा में लटकती जिंदगियों और नीचे कूदते लोगों के इस मंजर ने वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कंपा दिया। इस दौरान समय रहते बीएसईएस (BSES) द्वारा क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप किए जाने से आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को थोड़ी मदद जरूर मिली।
#WATCH | Delhi | Death toll rises to 10 in Malviya Nagar restaurant fire incident, say Delhi Police.
— ANI (@ANI) June 3, 2026
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इस पूरे मामले में अब प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का बड़ा हड़कंप देखने को मिल रहा है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) साउथ डिस्ट्रिक्ट के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह सूचना मिलते ही जिला आपदा सेल को तुरंत सक्रिय किया गया और सभी सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर कानूनी उल्लंघन सामने आया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी इमारत अवैध गतिविधियों का केंद्र बनी हुई थी, क्योंकि इस इमारत के नीचे जो होटल संचालित किया जा रहा था, वह किसी अन्य फर्जी या नकली लाइसेंस के आधार पर अवैध रूप से चल रहा था। इस गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी के सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। नगर निगम (MCD) से भी रिपोर्ट मांगी गई है कि आखिर रिहायशी इलाकों में इतने होटल और रेस्टोरेंट्स को संचालन का लाइसेंस कैसे मिला और अब ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की रूटीन जांच अनिवार्य कर दी गई है।
स्थानीय विधायक सतीश उपाध्याय ने भी घटना स्थल का दौरा करने के बाद इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सुबह लगभग 9:00 बजे आग की भनक लगते ही उन्होंने पूरे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट किया था। विधायक ने स्पष्ट किया कि वह स्वयं मुख्यमंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं और पूरी परिस्थिति का पल-पल का संज्ञान लिया जा रहा है। पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है और घायल लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं। यह भीषण अग्निकांड दिल्ली के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से फल-फूल रहे कमर्शियल हब्स और सुरक्षा नियमों के साथ किए जा रहे खिलवाड़ पर एक बड़ा कानूनी सवालिया निशान खड़ा करता है, जिसके भविष्य में बेहद कड़े परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
