दिल्ली में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम का एलान। सीएम रेखा गुप्ता ने सरकारी ईंधन में 20% कटौती और प्राइवेट दफ्तरों के लिए एडवाइजरी जारी की।

Delhi WFH order 2026 : देश की राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और परिवहन व्यवस्था को लेकर एक युगांतकारी बदलाव की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक प्रेस वार्ता में राजधानी के लिए नए 'सस्टेनेबिलिटी रोडमैप' का खुलासा किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक स्थिरता और पर्यावरण के बीच संतुलन साधने के लिए अब दिल्ली के सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री का यह फैसला केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि भविष्य की डिजिटल इकोनॉमी की ओर दिल्ली का एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर शहर की कार्यक्षमता और ऊर्जा खपत को प्रभावित करेगा।

इस नए बदलाव की तपिश केवल सरकारी गलियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार ने निजी क्षेत्र के लिए भी कड़े संकेत दिए हैं। सीएम ने निजी दफ्तरों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए आग्रह किया है कि जिन कंपनियों का काम ऑनलाइन संभव है, वे भी अपने कर्मचारियों को दो दिन घर से काम करने की सुविधा दें। इस पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी लेबर विभाग को सौंपी गई है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार की इस अपील को कॉर्पोरेट जगत में गंभीरता से लिया जाए। मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि निजी क्षेत्र इसमें सहयोग करता है, तो सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।

प्रशासनिक स्तर पर कड़े फैसले लेते हुए सरकार ने 'वीआईपी कल्चर' और फिजूलखर्ची पर भी सीधा प्रहार किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि अब मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम की जाएगी। इतना ही नहीं, अधिकारियों को मिलने वाले पेट्रोल और डीजल के कोटे में सीधे 20 फीसदी की कटौती कर दी गई है। जिन अधिकारियों को महीने का 200 से 250 लीटर ईंधन मिलता था, अब उन्हें कम ईंधन में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाने का संकल्प लिया है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।

जनता और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने रिवॉर्ड सिस्टम भी लागू किया है। वे अधिकारी जो सरकारी गाड़ी या व्हीकल अलाउंस छोड़कर मेट्रो या बस जैसे सार्वजनिक परिवहन का चुनाव करेंगे, उन्हें उनके वेतन में 10 फीसदी का 'इंक्रीमेंट' दिया जाएगा। साथ ही, दिल्ली के बस रूटों को नए सिरे से निर्धारित किया जा रहा है ताकि कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ बनाया जा सके। सीएम ने साफ किया कि अब सरकार की 50 फीसदी बैठकें वर्चुअल माध्यम से होंगी और इसी तर्ज पर कोर्ट से भी अपील की गई है कि वे भी सुनवाई के लिए वर्चुअल मोड को प्राथमिकता दें। आने वाले तीन महीनों तक दिल्ली में किसी भी बड़े आयोजन पर रोक लगा दी गई है और पर्यटकों की सुविधा के लिए एक विशेष ट्रैवल प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि इस बदलाव का असर पर्यटन उद्योग पर न पड़े। यह पूरी कवायद दिल्ली को एक आधुनिक, स्मार्ट और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

Updated On 14 May 2026 4:47 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story