भारत की राजधानी दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता ने एक चिंताजनक मोड़ ले लिया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शहर के कई हिस्सों में 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे दिल्ली “सेवियर” श्रेणी में आ गई। राजधानी में सांस लेने की स्थिति बिगड़ने लगी है और नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

मंगलवार सुबह दिल्ली‑एनसीआर का AQI अचानक 362 से बढ़कर लगभग 425 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार इस तेज़ वृद्धि के पीछे मौसम की अनुकूलता न होना और वायु इंवेंटिलेशन, यानी हवा के बहाव की कमी, प्रमुख कारण हैं। शहर के कुछ क्षेत्र जैसे जेहांगिरपुरी, रोहिणी, शाहदारा और द्वारका में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। वायु प्रदूषण के इस स्तर से बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से प्रभावित व्यक्तियों के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता है।

इस बढ़ती प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने Graded Response Action Plan (GRAP) का स्टेज III तुरंत लागू कर दिया है। इस चरण के अंतर्गत निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, पुराने वाहनों के संचालन पर रोक और अन्य प्रदूषण‑वर्धक गतिविधियों पर नियंत्रण लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राजधानी के वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने और नागरिकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।

विश्लेषकों का कहना है कि शुष्क मौसम, शांत हवा की गति और पतझड़ की धूल‑कणों ने मिलकर दिल्ली में वायु को जकड़ रखा है। इसके साथ ही, आसपास के राज्यों में पराली जलाने और वाहन उत्सर्जन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस कारण राजधानी में हवा की गुणवत्ता अचानक “खराब” से “सेवियर” तक पहुँच गई।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे आज अधिक से अधिक घर के अंदर रहें, मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों तथा बुजुर्गों को बाहर की गतिविधियों से बचाएँ। घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल या खिड़कियाँ बंद रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि लगातार वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से अस्थमा, एलर्जी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता की यह स्थिति केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुकी है। GRAP‑III के लागू होने से शहरवासियों को चेतावनी मिलती है कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करना और व्यक्तिगत सतर्कता दिखाना अत्यंत आवश्यक है। आने वाले दिनों में मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करते हुए वायु गुणवत्ता और भी नाजुक हो सकती है, इसलिए नागरिकों को स्वास्थ्य‑सुरक्षा उपायों को अपनाना जारी रखना होगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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