दिल्ली एयरपोर्ट का सिस्टम क्रैश; चंद मिनटों में ठप हुआ पूरा सिस्टम
दिल्ली एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह अचानक एटीएस सिस्टम ठप हो गया, जिससे उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तकनीकी गड़बड़ी के कारण 200 से ज्यादा फ्लाइट्स देरी से चलीं और हजारों यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहना पड़ा।

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार सुबह ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जैसा शायद ही किसी ने कभी सोचा होगा। देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) सिस्टम ठप हो गया। यह वही सिस्टम है जो हर उड़ान की निगरानी करता है और विमानों को सुरक्षित टेकऑफ और लैंडिंग की अनुमति देता है। तकनीकी खराबी इतनी बड़ी थी कि कुछ ही मिनटों में 200 से अधिक फ्लाइट्स की टाइमिंग प्रभावित हो गईं और हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रह गए।
समस्या सिर्फ एटीसी तक सीमित नहीं रही। इसके साथ ही मैसेज स्विचिंग सिस्टम (एएमएसएस) भी ठप हो गया, जो हर फ्लाइट का प्लान, रूट और मौसम से जुड़ी अहम जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर तक पहुंचाता है। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे यह सिस्टम अचानक काम करना बंद कर गया और तकनीकी टीम को फ्लाइट डेटा मैनुअल तरीके से हैंडल करना पड़ा। जो प्रक्रिया सामान्यतः कुछ सेकंड में पूरी होती थी, अब उसमें 10-15 मिनट लगने लगे। इस वजह से उड़ानों की कतार लग गई और टर्मिनल पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) की ओर से यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई, जिसमें कहा गया कि एटीसी में आई तकनीकी दिक्कत को दूर करने के लिए विशेषज्ञ टीमें लगातार काम कर रही हैं। यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उड़ान सेवाएं सामान्य कर दी जाएंगी।
इस घटना के बाद यात्रियों में गुस्सा और बेचैनी दोनों देखने को मिली। कई लोग अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट मिस होने की चिंता में एयरलाइन काउंटरों पर पहुंच गए, तो कुछ ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी जाहिर की। सुबह से लेकर दोपहर तक उड़ानों की रफ्तार धीमी रही, लेकिन शाम तक स्थिति नियंत्रण में आने लगी।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, एटीसी में आने वाली इस तरह की गड़बड़ी बेहद दुर्लभ होती है, क्योंकि यह सिस्टम अत्याधुनिक सुरक्षा उपायों से लैस होता है। हालांकि इस घटना ने यह जरूर साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक पर निर्भर यह सिस्टम भी किसी अप्रत्याशित तकनीकी फेलियर से पूरी तरह अछूता नहीं है।
दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि अब सिस्टम सामान्य हो गया है और उड़ान संचालन दोबारा सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। मगर यह घटना निश्चित रूप से देश के एविएशन सिस्टम के लिए एक चेतावनी की तरह है कि तकनीक जितनी उन्नत हो, उसकी सुरक्षा और बैकअप उतने ही मजबूत होने चाहिए।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
