270 कैमरों की निगरानी में CJP का बड़ा शक्ति प्रदर्शन ; जंतर-मंतर पर उमड़ा छात्रों का सैलाब
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के दूसरे बड़े प्रदर्शन के दौरान अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। 270 बॉडी-वॉर्न कैमरों, सीसीटीवी निगरानी और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों ने पेपर लीक, नीट परीक्षा विवाद, भर्ती में देरी और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली शनिवार को एक बार फिर छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों के आंदोलन का केंद्र बन गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर अपना दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और समर्थकों की मौजूदगी के बीच प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए, जिन्होंने पूरे इलाके को हाई अलर्ट जोन में बदल दिया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने किया। आंदोलन की बढ़ती लोकप्रियता और बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक निगरानी और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था लागू की। प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की गई, जबकि 270 बॉडी-वॉर्न कैमरे तैनात किए गए ताकि घटनाक्रम को वास्तविक समय में रिकॉर्ड किया जा सके। इसके अलावा वीडियोग्राफी टीमों को भी विशेष रूप से तैनात किया गया।
जंतर-मंतर और आसपास की सड़कों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई। वाहनों की सघन जांच की गई और अतिरिक्त पुलिस बल के साथ रिजर्व फोर्स को भी स्टैंडबाय पर रखा गया। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए राजधानी के प्रवेश बिंदुओं, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या बाधा उत्पन्न न हो।
Cockroach Janta Party stages protest at Jantar Mantar. pic.twitter.com/AbEcIZjRVm
— News Arena India (@NewsArenaIndia) June 20, 2026
यह आंदोलन मुख्य रूप से उन मुद्दों को लेकर खड़ा हुआ है जो देशभर के छात्रों और नौकरी तलाश रहे युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। कथित पेपर लीक मामलों, नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों, सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाओं में देरी तथा शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की कमी को लेकर आंदोलन लगातार मुखर रहा है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है।
प्रदर्शन को प्रतीकात्मक रूप से प्रभावशाली बनाने के लिए अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से थाली और चम्मच लेकर आने की अपील की थी। संगठन का मानना है कि इस तरह की प्रतीकात्मक गतिविधियां युवाओं की आवाज को व्यापक स्तर पर पहुंचाने और उनकी मांगों की ओर सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करने का माध्यम बन सकती हैं। आंदोलन से जुड़े कई समर्थक स्वयं को ‘कॉकरोच’ कहकर संबोधित करते हैं, जो संगठन की पहचान का हिस्सा बन चुका है।
गौरतलब है कि यह जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का दूसरा बड़ा प्रदर्शन है। इससे पहले 6 जून को आयोजित पहले प्रदर्शन ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा बटोरी थी। उस प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए थे और उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती थी। उस दौरान पुलिस द्वारा कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिए जाने की भी खबरें सामने आई थीं।
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक ऑनलाइन युवा आंदोलन के रूप में हुई थी, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से यह तेजी से फैलती चली गई। बेरोजगारी, परीक्षा विवादों और भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी से परेशान छात्रों और युवा नौकरी अभ्यर्थियों के बीच इस संगठन को उल्लेखनीय समर्थन मिला है। यही कारण है कि कुछ ही समय में यह आंदोलन स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।
सीजेपी नेताओं ने 20 जून के इस प्रदर्शन को अधिकारियों और सरकार के लिए एक “अंतिम चेतावनी” या “फाइनल कॉल” बताया है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी जारी रहेगा। जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन केवल एक विरोध कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की बढ़ती बेचैनी का प्रतीक बनकर सामने आया है जो अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
