Pravesh Wahi Delhi New Mayor : राजधानी दिल्ली की स्थानीय राजनीति में बुधवार को एक नया अध्याय लिखा गया, जब भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और रोहिणी से तीन बार के पार्षद प्रवेश वाही ने दिल्ली के नए मेयर के रूप में शानदार जीत दर्ज की। सिविक सेंटर के गलियारों में सुबह से ही सियासी सरगर्मी अपने चरम पर थी, लेकिन मतदान के बाद आए परिणामों ने भाजपा के वर्चस्व को एक बार फिर साबित कर दिया। एकतरफा मुकाबले में प्रवेश वाही ने कुल पड़े 165 मतों में से 156 वोट हासिल कर कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद जरीफ को करारी शिकस्त दी, जिन्हें मात्र 9 मतों से संतोष करना पड़ा। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही दिल्ली नगर निगम की बागडोर अब एक ऐसे अनुभवी नेता के हाथों में आ गई है जिसने जमीनी स्तर से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी।

प्रवेश वाही का राजनीतिक सफर किसी मिसाल से कम नहीं है। विश्व हिंदू परिषद के खंड प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएँ शुरू करने वाले वाही ने भाजपा मंडल अध्यक्ष और युवा मोर्चा के विभिन्न पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती दी। उनकी प्रशासनिक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे पूर्वकालिक उत्तरी निगम में वर्ष 2016-17 में सर्वोच्च स्थायी समिति के चेयरमैन रह चुके हैं और वर्तमान में निगम में सदन के नेता के रूप में कार्यरत थे। 59 वर्षीय वाही ने 1984 में शिवाजी यूनिवर्सिटी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी और 2007, 2012 तथा 2022 के निगम चुनावों में रोहिणी वार्ड से अपनी लोकप्रियता का परचम लहराया है। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार, लगभग ₹3.5 करोड़ की संपत्ति के स्वामी वाही अब दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष पर विराजमान हैं।

चुनावी गणित की दृष्टि से यह मुकाबला अत्यंत दिलचस्प रहा। भाजपा के पास मेयर पद के लिए आवश्यक जादुई आंकड़े से कहीं अधिक संख्याबल था, जबकि आम आदमी पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया से दूरी बनाकर सबको चौंका दिया। 'आप' के 100 पार्षदों, 2 राज्यसभा सदस्यों और 3 विधायकों सहित कुल 105 सदस्यों के सदन से अनुपस्थित रहने के कारण भाजपा की राह पूरी तरह निष्कंटक हो गई। नवनिर्वाचित मेयर प्रवेश वाही ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य पिछली सरकारों की विफलताओं के कारण विरासत में मिले कूड़े के पहाड़ों को साफ करना और दिल्ली को एक स्वच्छ व वैश्विक स्तर की नागरिक सुविधाएं प्रदान करना है।

इस निर्वाचन का कानूनी और राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि मेयर पद के साथ ही अब निगम की रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। दिल्ली के नए प्रथम नागरिक के रूप में प्रवेश वाही के सामने अब राजधानी की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने और निगम के वित्तीय ढांचे को सुदृढ़ करने की बड़ी चुनौती होगी। इस जीत ने न केवल भाजपा के सांगठनिक कौशल को प्रदर्शित किया है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार भी किया है। अब देखना यह होगा कि अनुभव और बहुमत के इस समन्वय से दिल्ली की सूरत कितनी बदलती है।

Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story