India Arab Trade 240 Billion : वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत ने एक बार फिर अपनी धमक का लोहा मनवाया है। पूरे एक दशक के लंबे अंतराल के बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दूसरी 'भारत-अरब विदेश मंत्री बैठक' ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि भविष्य के रिश्तों का एक नया ब्लूप्रिंट भी दुनिया के सामने पेश कर दिया। खाड़ी देशों के साथ भारत के सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक रिश्तों को अब एक औपचारिक 'दिल्ली घोषणापत्र' (Delhi Declaration) की मज़बूत ढाल मिल गई है।

दशक भर का इंतज़ार और कूटनीतिक जीत :

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूएई के उनके समकक्ष की सह-अध्यक्षता में हुई इस ऐतिहासिक बैठक में अरब लीग के सभी 22 देशों ने अपनी पूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। यह उपस्थिति इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में अरब जगत के लिए भारत की अहमियत कितनी बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के तहत आयोजित इस शिखर वार्ता में व्यापार, सुरक्षा और मानवीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई।

दिल्ली घोषणापत्र और 2026-28 का रोडमैप :

बैठक के समापन पर अपनाए गए 'दिल्ली घोषणापत्र' ने भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • आर्थिक महाशक्ति: वर्तमान में भारत और अरब देशों के बीच वार्षिक व्यापार 240 बिलियन डॉलर के पार पहुँच चुका है। इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए व्यापार, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर विशेष बल दिया गया।
  • तकनीकी सहयोग: दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और काउंटर-टेररिज्म (आतंकवाद विरोध) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए 2026-28 के कार्यकारी कार्यक्रम पर मुहर लगाई।
  • शांति का आह्वान: इस मंच से इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' (Two-State Solution) की प्रतिबद्धता दोहराई गई और गाज़ा युद्ध को तत्काल समाप्त करने की पुरजोर मांग की गई।

मानवीय संवेदनाएं और रणनीतिक संतुलन :

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और अरब देशों के बीच 'पीपल-टू-पीपल' (जन-जन के बीच) जुड़ाव को इस रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत बताया। भारत ने स्पष्ट रूप से फिलिस्तीन के प्रति अपने पारंपरिक समर्थन को दोहराया, जो इस नाजुक समय में अरब जगत के साथ भारत के भावनात्मक और रणनीतिक तालमेल को दर्शाता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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