विप्र फाउंडेशन द्वारा अपनी कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तियाँ की गई हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हेमन्त शर्मा की अनुशंषा पर डीग निवासी एडवोकेट रमाकांत शर्मा को विप्र फाउंडेशन का डीग जिलाध्यक्ष तथा पदम चंद शर्मा उर्फ बबली को महामंत्री नियुक्त किया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हेमन्त शर्मा की अनुशंषा के आधार पर घोषित इन नियुक्तियों को संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नियुक्ति के बाद एडवोकेट रमाकांत शर्मा एवं पदम चंद शर्मा उर्फ बबली को बधाई देने का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया।

इस अवसर पर दोनों पदाधिकारियों की नियुक्ति पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की। संगठन के भीतर नई जिम्मेदारियों के साथ नेतृत्व विस्तार को लेकर यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे डीग जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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