कामां स्थित कामवन रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन दर्शकों ने एक यादगार अनुभव का आनंद लिया। महोत्सव के दौरान ताड़का के रूप में अभिनय कर रहे अशोक सोनी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन और आग उगलने की नाटकीय प्रस्तुति से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

रामलीला में राम के जन्म, बाल लीलाओं का चित्रण, चारों भाइयों का विद्या अध्ययन के लिए जाना, विश्वामित्र ऋषि द्वारा राम लक्ष्मण से दशरथ का आग्रह, ताड़का वध, मारीच-सुबाहु का युद्ध, गंगाजी के पंडाओं का दृश्य, अहिल्या उद्धार और जनकपुर प्रवेश जैसी लीलाओं का मंचन किया गया। राम के रूप में भुवनेश्वर शर्मा, लक्ष्मण के रूप में इशांत, भरत में वंश और शत्रुघ्न में अभय शर्मा ने शानदार अभिनय प्रस्तुत किया।

दशरथ के रूप में हरीश, वशिष्ठ के रूप में मुकेश और अग्नि देव के रूप में शेखर शर्मा ने भी अपने प्रभावी अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। सुमित्रा के रूप में हर्षवर्धन, कैकेयी के रूप में श्याम गौतम और कौशल्या के रूप में नरेंद्र ने बाल लीलाओं में चारों पुत्रों को पालने में झुलाते हुए सजीव दृश्य प्रस्तुत किया। विद्या अध्ययन के दौरान गिरधर शर्मा, ओंकार और तेजा सैनी सहित शिष्यों ने हास्यप्रद अभिनय कर दर्शकों का मन मोह लिया।

विश्वामित्र के रूप में पवन पाराशर, सुबाहु के रूप में मोहन और मारीच के रूप में विशाल सोनी ने अपने अभिनय कौशल से नाट्य प्रस्तुतियों को और भी प्रभावशाली बनाया। वहीं अहिल्या के रूप में अभयपाल और गंगा जी के पंडा के रूप में अरुण पाराशर, भुवनेश कटारा, पवन सोनी, बेदरिया सैनी और अन्नू शर्मा के अभिनय को दर्शकों ने सराहा। गंगा के घाट पर पंडाओं ने सजीव चित्रण प्रस्तुत किया और दृश्य संयोजन में शंकर लाल शर्मा ने गंगा का सुंदर और भव्य दृश्य मंच पर उपस्थित किया।

रामलीला के प्रारंभ में सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष एवं बालाजी मंदिर के महंत श्रीनाथ शर्मा ने आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस महोत्सव ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रदर्शित किया, बल्कि दर्शकों को रामकथा की जीवंत प्रस्तुति का अनुभव कराते हुए स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर किया।

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Rambabu Dixit

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रामबाबू दीक्षित, हमारे समाचार टीम के वरिष्ठ संवाददाता हैं। समाचार रिपोर्टिंग में उनके पास वर्षों का अनुभव है और वे हमेशा सटीक, निष्पक्ष और तथ्यपूर्ण खबरें प्रस्तुत करने के लिए समर्पित रहते हैं। उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों पर गहन कवरेज किया है और अपने लेखन में पाठकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने का विश्वास रखते हैं। प्रात:काल में रामबाबू दीक्षित की रिपोर्टिंग पाठकों को घटनाओं की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद करती है।

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