भाजपा जिला अध्यक्ष सतीश बंसल ने शोकाकुल परिवारों से मिलकर जताईं संवेदनाएं
डीग में भाजपा जिला अध्यक्ष सतीश बंसल ने विभिन्न स्थानों पर शोकाकुल परिवारों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।

तस्वीर में भाजपा जिला अध्यक्ष सतीश बंसल और अन्य लोग डीग में एक कमरे में बैठकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
भाजपा जिला अध्यक्ष सतीश बंसल ने डीग जिले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर अपनों के दुःख में शामिल हुए। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सतीश बंसल ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करें।
इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भाव प्रकट किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
