राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का 49वां जन्मदिवस, गौ पूजन कर मनाया उत्सव
डीग के नौगावां में सचिन पायलट का 49वां जन्मदिवस मनाया गया। कार्यकर्ताओं ने गौ पूजन कर गुड़ और हरा चारा खिलाया।

तस्वीर में नौगावां स्थित गौशाला में पुरुष जागरूकता पोस्टर पकड़े हुए गायों के पास खड़े हैं।
ब्रजनगर उपखण्ड के गांव नौगावां में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का 49वां जन्मदिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजेश पायलट किसान संगठन के जिलाध्यक्ष डीग प्रताप सिंह नौंगावा के नेतृत्व में किया गया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गौ पूजन किया और गायों को गुड़ व हरा चारा खिलाया। कार्यकर्ताओं ने सचिन पायलट के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष सुघड़ सिंह जाटव, प्रदेश सचिव राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग अशोक शर्मा, पूर्व जिला महासचिव एनएसयूआई मोहनश्याम गुर्जर, अत्तो गुर्जर, भगवान सिंह, शुभम बंसल, सीताराम, हरिओम, सुनील सैनी, गोपी गुर्जर और मोन्टी गुर्जर मौजूद थे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
