डीग, 4 अगस्त। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के तहत डीग शहर में 41.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर 5 अगस्त 2026 को शहर के पंचायत समिति सभागार, डीग में "आरयूआईडीपी संवाद" कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में शहर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा अन्य स्टेकहोल्डर्स को आमंत्रित किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान आरयूआईडीपी के पंचम चरण में डीग शहर में प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रतिभागियों से सुझाव एवं फीडबैक भी प्राप्त किए जाएंगे, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समुचित रूप से शामिल किया जा सके।

आरयूआईडीपी के पंचम चरण का प्रमुख उद्देश्य अत्यधिक शहरीकृत शहरों एवं उनके सैटेलाइट नगरों का विकास करना है, ताकि उनके विस्तार एवं अनियोजित परिधि का प्रभावी प्रबंधन करते हुए उन्हें रहने योग्य, पर्यावरण के अनुकूल तथा स्वस्थ समुदायों के विकास के लिए उपयुक्त बनाया जा सके।

परियोजना के तहत राज्य के प्रमुख शहरों में अधोसंरचना की कमी को दूर करते हुए सेवा गुणवत्ता में सुधार तथा पर्यावरणीय निरंतरता को बढ़ावा देकर समग्र अपशिष्ट जल प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। अपशिष्ट जल प्रबंधन के अलावा बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज कार्य, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विरासत संरक्षण एवं पर्यटन, कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर, शहरी गतिशीलता तथा आवश्यकतानुसार कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) जैसे कार्य भी इसमें शामिल किए गए हैं।

राजस्थान सरकार 84 शहरों में आरयूआईडीपी के पंचम चरण के कार्य शीघ्र शुरू करने की तैयारी कर रही है। लगभग 9500 करोड़ रुपये की लागत से शहरों को स्मार्ट एवं सस्टेनेबल बनाने की योजना है। इस चरण में अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन एवं जल निकासी कार्य, विरासत संरक्षण एवं पर्यटन तथा कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य किए जाएंगे। इसका लाभ अत्यधिक शहरीकरण वाले शहरों और उनके सैटेलाइट शहरों सहित 84 नगरीय निकायों की समस्त शहरी जनता को मिलेगा।

राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के अनुरूप आरयूआईडीपी का पंचम चरण प्रक्रियाधीन है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा वित्तपोषित परियोजना को 'राजस्थान अरबन लिबेबिलिटी इम्प्रूवमेन्ट प्रोजेक्ट' (रूलिप) नाम दिया गया है, जिसकी लागत 6009 करोड़ रुपये है। वहीं, विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजना 'सस्टेनेबल अरबन ट्रॉसफॉरमेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलरेटेड' (सूत्रा) की लागत 3492 करोड़ रुपये है।

परियोजना का उद्देश्य प्रदेश के शहरों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्थायी आधार प्रदान करते हुए विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्यों की पूर्ति में योगदान करना तथा भारत सरकार के विकसित भारत-2047 और राजस्थान सरकार के विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करना है।

डीग शहर में लगभग 41.10 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें एशियन डेवलपमेंट बैंक के वित्तपोषण से 32.71 करोड़ रुपये की लागत से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग किया जाएगा। विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजना के तहत 1.91 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज कार्य, 2.68 करोड़ रुपये की लागत से कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर (CCC) तथा विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संबंधी कार्य और 3.79 करोड़ रुपये की लागत से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के कार्य कराए जाएंगे। यह संवाद कार्यक्रम इन प्रस्तावित विकास कार्यों पर स्थानीय हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story