डीग में गणतंत्र दिवस की गूँज: जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने कसी कमर, गरिमामयी आयोजन के लिए अधिकारियों को सौंपी कमान
डीग जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय समारोह को भव्य और गरिमामयी बनाने हेतु किशन लाल जोशी स्कूल में तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में पीडब्ल्यूडी, पुलिस और शिक्षा विभाग समेत अन्य अधिकारियों को समयबद्ध जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जानिए कैसे डीग प्रशासन राष्ट्रीय पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारियों में जुटा है।

डीग। राष्ट्र के गौरव और आन-बान-शान के प्रतीक 'गणतंत्र दिवस' के आगामी जिला स्तरीय समारोह को भव्य, गरिमामयी और ऐतिहासिक बनाने की कवायद डीग जिले में तेज हो गई है। सोमवार को पंचायत समिति सभागार में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में तैयारियों का खाका खींचा गया। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया कि आयोजन की गरिमा में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए और सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी सजगता एवं समयबद्धता के साथ करें।
समारोह के मुख्य केंद्र के रूप में किशन लाल जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण का चयन किया गया है, जहाँ तिरंगा पूरे सम्मान के साथ लहराएगा। जिला कलेक्टर ने नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग को आयोजन स्थल की चकाचक सफाई और आगंतुकों के बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां भी मौजूद रहे, जिन्होंने व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन में समन्वय की भूमिका पर बल दिया।
प्रशासनिक दक्षता का परिचय देते हुए कलेक्टर उत्सव कौशल ने विभागवार जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किया। सार्वजनिक निर्माण विभाग को बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा बनाने की कमान सौंपी गई है, जबकि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को आयोजन स्थल पर शुद्ध पेयजल की निर्बाध उपलब्धता का दायित्व दिया गया है। बिजली विभाग यानी जेवीवीएनएल को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्युत आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए। चिकित्सा विभाग को डॉ मानसिंह की देखरेख में आपातकालीन मेडिकल टीम और एंबुलेंस की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
समारोह के आकर्षण और सुंदरता को बढ़ाने के लिए आईसीडीएस विभाग को सुरुचिपूर्ण रंगोली और सजावट का काम सौंपा गया है। वहीं, पुलिस विभाग को न केवल सुरक्षा व्यवस्था, बल्कि यातायात प्रबंधन और पार्किंग को भी सुचारू रखने की जिम्मेदारी दी गई है ताकि आमजन को असुविधा न हो। राष्ट्रभक्ति के जज्बे को प्रदर्शित करने वाली भव्य परेड और मार्च पास्ट के लिए पुलिस, आरएसी, होमगार्ड और एनसीसी की टुकड़ियों को बेहतर तालमेल के साथ अभ्यास करने के लिए कहा गया है।
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे देशभक्ति के भावों से ओत-प्रोत ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन करें जो दर्शकों के भीतर राष्ट्र प्रेम की ऊर्जा भर दें। इस महत्वपूर्ण बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग, जलदाय विभाग और विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं सहित कई जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निर्धारित समय सीमा में कार्यों को पूर्ण करने की प्रतिबद्धता जताई। यह बैठक न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया थी, बल्कि डीग में गणतंत्र दिवस को एक महोत्सव के रूप में मनाने के संकल्प की पहली मजबूत कड़ी साबित हुई है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
