डीग। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (पंजी.) राजस्थान ने अपनी लंबित मांगों के समाधान हेतु चल रहे संघर्ष को निर्णायक मोड़ देते हुए आंदोलन को और अधिक उग्र करने का ठोस निर्णय लिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक निठारवाल ने स्पष्ट किया कि विभागीय स्तर पर कई बार ज्ञापन सौंपने, औपचारिक वार्ता करने एवं विनम्र अनुरोध के बावजूद कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय न लिए जाने से पूरे प्रदेश के मंत्रालयिक कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इस बढ़ते रोष के बीच संगठन के प्रदेश महामंत्री पुरुषोत्तम टेलर व मुख्य सलाहकार अशोक वैष्णव ने सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए घोषणा की है कि यदि समय रहते सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री एवं देश के प्रधान सेवक नरेन्द्र मोदी के पंचपदरा (बाड़मेर) दौरे के दौरान प्रदेश के 16,080 पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी 'पंचपदरा महाकूच' करेंगे। इस दौरान कर्मचारी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराएंगे।

आंदोलन की आगामी रूपरेखा स्पष्ट करते हुए संयोजक घनश्याम कड़वासरा ने बताया कि संगठन द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन के अगले चरणों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ अंजाम दिया जाएगा। इसके तहत 4 जुलाई को पंचपदरा महाकूच, 6 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री का घेराव तथा 7 जुलाई को जलमहल पर 'महा जल समाधि' आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के सम्मान, न्याय एवं अधिकारों की निर्णायक लड़ाई करार दिया है। संगठन ने प्रदेश के सभी मंत्रालयिक कर्मचारियों से आह्वान किया है कि वे इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी एकजुटता का परिचय दें। जिला प्रवक्ता उमेश प्रजापत ने जानकारी दी कि यदि सरकार ने अविलंब सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

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