राजस्थान: पंचायत-निकाय चुनाव की मांग को लेकर कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान
एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा के नेतृत्व में सेमली ग्राम पंचायत में 'चुनाव कराओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

नगर विधानसभा की सेमली ग्राम पंचायत में शनिवार को 'चुनाव कराओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान के दौरान बैनर लेकर प्रदर्शन करते एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता।
राज्य में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव समय पर नहीं कराए जाने को लेकर राजस्थान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में शनिवार, 16 मई को एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा, प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग राजस्थान के नेतृत्व में राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग राजस्थान (राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी) के निर्देश पर ‘चुनाव कराओ, लोकतंत्र बचाओ’ हस्ताक्षर जनअभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत नगर विधानसभा की सेमली ग्राम पंचायत में हस्ताक्षर कराए गए।
अभियान के दौरान स्थानीय ग्राम पंचायत और नगर निकाय चुनावों के संबंध में संविधान के उपबंधों और प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों एवं कस्बेवासियों को दी गई। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि भाजपा सरकार की संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग की नीति के कारण राजस्थान में पंचायत एवं नगरीय निकायों के चुनाव पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। उनके अनुसार जनप्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति की गई है, जिससे स्थानीय स्वशासन की लोकतांत्रिक व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति न केवल प्रशासनिक चिंता का विषय है, बल्कि संविधान प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन भी है। उन्होंने कहा कि 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन की भावना प्रभावित हो रही है तथा मताधिकार और चुनाव लड़ने के अधिकार का हनन हो रहा है।
अशोक कुमार शर्मा ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243E के तहत पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित है तथा समय पर चुनाव अनिवार्य हैं, जबकि अनुच्छेद 243U नगरीय निकायों के लिए समान प्रावधान करता है। अनुच्छेद 243K के तहत राज्य निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र रूप से चुनाव कराने की जिम्मेदारी प्राप्त है।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के विकास किशन राव गवली (2021) प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन या प्रशासनिक कारणों से चुनाव टालना वैध नहीं है। साथ ही उन्होंने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने फरवरी, मार्च एवं नवंबर 2025 में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे तथा 439 याचिकाओं की सुनवाई के बाद 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने की अंतिम समय सीमा निर्धारित की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसएलपी खारिज किए जाने के बावजूद आदेशों का पालन नहीं होने को उन्होंने अवहेलना बताया।
अभियान के दौरान यह भी कहा गया कि चुनाव न होने से स्थानीय स्वशासन प्रणाली कमजोर हो रही है तथा लोकतांत्रिक जवाबदेही में गिरावट आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग पर दबाव बनाकर चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे लोकतंत्र को क्षति पहुंच रही है।
आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए यह भी कहा गया कि महंगाई बढ़ रही है तथा पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि से आमजन प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें महंगाई एवं बेरोजगारी नियंत्रित करने में असफल रही हैं।
अशोक कुमार शर्मा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए जर्मनी के एडॉल्फ हिटलर और इटली के बेनिटो मुसोलिनी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि तानाशाही प्रवृत्तियों का परिणाम विश्व इतिहास में स्पष्ट है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयास देशहित में नहीं हैं।
इस अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा और हेमेंद्र सिंह सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
