डीग, 09 जुलाई। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सिविल) संख्या 278/2022 (सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य) में पारित निर्णयों तथा राज्य सरकार द्वारा गठित राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग को प्रदत्त संदर्भों के अनुपालन में, प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में समसामयिक एवं अनुभवजन्य अध्ययन किया जा रहा है। ओबीसी आयोग राजस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने जानकारी दी कि इस अध्ययन के अंतर्गत आयोग द्वारा 10 जुलाई से 23 जुलाई तक प्रदेश के समस्त जिलों में 'राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप' के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण आयोजित किया जाएगा।

इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, जनसांख्यिकीय एवं स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित तथ्यात्मक एवं अद्यतन आंकड़ों का संकलन करना है, ताकि आयोग विधिसम्मत एवं वैज्ञानिक आधार पर अपनी अनुशंसाएँ राज्य सरकार को प्रस्तुत कर सके। यह संपूर्ण सर्वेक्षण कार्य पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न होगा। आयोग द्वारा विकसित 'राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप' का उपयोग करते हुए लगभग 51168 प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित प्रपत्र के अनुसार सूचनाएं एकत्रित करेंगे। आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण आयोग स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।

सर्वेक्षण के सफल संचालन हेतु आयोग ने जिला स्तर पर नियुक्त करीब 82 नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों, ब्लॉक स्तर पर नियुक्त लगभग 765 नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों, तथा लगभग 1428 मास्टर ट्रेनर्स एवं अन्य संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण 07 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरा कर लिया है। इसके साथ ही जिला एवं ब्लॉक प्रशासन के सहयोग से प्रगणकों को आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं और ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आयोग ने सभी जिला कलक्टरों, स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों से समन्वय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। इस कार्य हेतु जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) को जिला समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया गया है, और प्रगणकों को तकनीकी व प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने ओबीसी परिवारों से सर्वेक्षण दल को सही एवं पूर्ण जानकारी देकर सहयोग करने का आग्रह किया है, साथ ही सभी राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से इस कार्य में रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा की है ताकि स्थानीय निकायों में ओबीसी प्रतिनिधित्व के लिए पारदर्शी और तथ्यपरक अनुशंसाएं तैयार की जा सकें।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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