राजस्थान में मंत्रालयिक कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का सीधा असर राज्य की प्रमुख सरकारी योजनाओं पर दिखने लगा है। हड़ताल के पहले ही दिन 'वीबी जी राम जी' योजना के क्रियान्वयन पर गहरा संकट खड़ा हो गया है, जिससे राज्यभर में प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह चरमरा गया है। मंत्रालयिक कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक की व्यवस्थाएं ठप हो गई हैं, जिसका परिणाम यह रहा कि राज्य की 11,308 ग्राम पंचायतों में से मात्र 2,341 पंचायतों में ही इस योजना का कार्य शुरू हो पाया है।

योजना के शुभारंभ के पहले दिन ही श्रमिक नियोजन के आंकड़ों में आई भारी गिरावट प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 41 जिलों में मात्र एक लाख श्रमिक ही नियोजित हो पाए हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 20 लाख के पार रहता था। राज्य के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट है कि वर्तमान में नियोजित श्रमिक भी अधिकांशतः प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े कार्यों में व्यस्त हैं। भौगोलिक दृष्टिकोण से भी स्थिति गंभीर है, क्योंकि बाड़मेर और उदयपुर को छोड़कर राज्य के किसी भी अन्य जिले में यह आंकड़ा 200 ग्राम पंचायतों की सीमा को भी पार नहीं कर सका है।

पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के जिला प्रवक्ता उमेश चंद प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का यह विरोध सरकार द्वारा उनकी मांगों पर विचार न किए जाने के परिणामस्वरूप उपजा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंत्रालयिक कर्मचारियों के मांगपत्र पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित पंचपदरा दौरे के दौरान प्रदेशभर के कर्मचारी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

इस हड़ताल के कारण राज्य की विकास योजनाओं की गति थम सी गई है। सरकारी तंत्र की रीढ़ कहे जाने वाले मंत्रालयिक कर्मचारियों के कार्य से दूर रहने का प्रभाव न केवल वर्तमान योजनाओं पर, बल्कि आमजन के दैनिक सरकारी कार्यों पर भी पड़ रहा है। यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था के समक्ष और भी बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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