राजस्थान हाईकोर्ट की जज संगीता शर्मा ने डीग के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में किए दर्शन
राजस्थान हाईकोर्ट की न्यायाधीश श्रीमती संगीता शर्मा ने डीग के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर के गौरवशाली इतिहास और अधिक मास की महिमा पर विशेष चर्चा हुई। जानें क्या है ब्रजभूमि का आध्यात्मिक रहस्य।

राजस्थान हाईकोर्ट की न्यायाधीश संगीता शर्मा ने गुरुवार को डीग स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में दर्शन किए, जहां महंत मुरारी लाल पाराशर ने उनका स्वागत किया।
डीग। राजस्थान हाईकोर्ट की न्यायाधीश श्रीमती संगीता शर्मा ने गुरुवार को डीग के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और धर्मनगरी की आध्यात्मिक विरासत को करीब से जाना। मंदिर आगमन पर महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ न्यायाधीश का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा लक्ष्मण जी महाराज का स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
मंदिर के मुख्य महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर ने इस अवसर पर मंदिर के गौरवशाली इतिहास और ब्रजभूमि के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्रज केवल एक तीर्थ क्षेत्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की चिरंतनता का जीवंत प्रमाण है। हजारों वर्षों का इतिहास संजोए ब्रजभूमि भारत की गहरी धार्मिक जड़ों का वह वटवृक्ष है, जिसकी शाखाएं सर्वत्र फैली हुई हैं। महंत ने संस्कृत के 'ब्रज' शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि इसका मूल अर्थ गतिशीलता है और यह क्षेत्र गौ-सेवा एवं संस्कृति का केंद्र रहा है।
महंत पाराशर ने अधिक मास की महिमा पर चर्चा करते हुए कहा कि यह समय भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार, इस पवित्र काल में किए गए दान, उपवास, हवन और तीर्थ दर्शन का फल सामान्य महीनों की तुलना में सौ गुना अधिक प्राप्त होता है। उन्होंने इस मास को आत्मिक उन्नति और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रेष्ठ बताया।
इस गरिमामयी अवसर पर अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट नमो नारायण मीणा, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राम किशन शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज भूषण गोयल, अधिवक्ता मोहिनी गोयल, बाबू बंधा वाले तथा डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। यह दौरा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति प्रशासनिक संरक्षण और आस्था के मिलन का एक उदाहरण भी बना।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
