राजस्थान में जनगणना 2026 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया शुरू
जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने डीग में जनगणना पोर्टल का शुभारंभ किया, नागरिक 15 मई तक घर बैठे अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

डीग के मास्टर आदित्येन्द्र कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के दौरान मोबाइल और टैबलेट के माध्यम से ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल का प्रदर्शन करते जिला कलेक्टर मयंक मनीष एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी।
जनगणना के प्रथम चरण के तहत शुक्रवार से स्व-गणना का कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है। मास्टर आदित्येन्द्र कॉलेज, डीग में आयोजित समस्त चार्ज जनगणना अधिकारियों के एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने स्वयं अपनी स्व-गणना कर इस राष्ट्रीय कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उपखंड अधिकारी सहित जिले के सभी चार्ज जनगणना अधिकारियों ने भी एक साथ ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण की। कार्यक्रम के दौरान उपखंड जनगणना अधिकारियों और समस्त चार्ज जनगणना अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें जनगणना प्रक्रिया और पोर्टल की बारीकियों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।
जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने जिलेवासियों से अपील की कि वे 1 मई से 15 मई 2026 तक संचालित ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने बताया कि 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए घर-घर जाएंगे, ऐसे में आमजन उन्हें सही और सटीक जानकारी देकर सहयोग प्रदान करें।
ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया को आमजन के लिए सरल और सुविधाजनक बनाया गया है। नागरिक घर बैठे आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in
पर जाकर अपने राज्य राजस्थान का चयन कर कैप्चा कोड दर्ज करते हुए प्रारंभिक पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद पोर्टल पर परिवार के मुखिया का नाम और 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा, जबकि ई-मेल आईडी का विकल्प ऐच्छिक रखा गया है। पसंदीदा भाषा हिंदी अथवा अंग्रेजी का चयन करने के बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।
सत्यापन के बाद नागरिक अपने जिले का चयन कर पिन कोड दर्ज करते हुए गांव या मंडल की क्षेत्रीय जानकारी सावधानीपूर्वक भरेंगे। पोर्टल के मानचित्र पर लाल मार्कर को खींचकर अपने आवासीय क्षेत्र को सटीक स्थान पर स्थापित कर स्थान की पुष्टि करनी होगी। मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित प्रश्नावली भरने में सहायता के लिए पोर्टल पर ट्यूटोरियल और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का विकल्प भी उपलब्ध है।
सभी आवश्यक जानकारियां भरने के बाद पूर्वावलोकन स्क्रीन के माध्यम से दर्ज सूचनाओं की जांच की जा सकती है। किसी भी त्रुटि की स्थिति में फाइनल सबमिट से पहले संशोधन संभव होगा, जबकि अंतिम सबमिशन के बाद किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। स्व-गणना पूर्ण होने पर नागरिक को ‘H’ अक्षर से प्रारंभ होने वाली 11 अंकों की स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के घर आने पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
जनगणना देश के विकास और भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तय करने का प्रमुख आधार है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय और जागरूक भागीदारी इस राष्ट्रीय कार्य की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
