डीग: पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 की जांच की आड़ में लंबित मांगों के विरोध में ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश सिंह के नेतृत्व में विकास अधिकारी को सौंपा गया 8 सूत्रीय ज्ञापन।

डीग में सोमवार को ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश सिंह के नेतृत्व में पंचायती राज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों द्वारा आठ सूत्रीय मांगों को लेकर विकास अधिकारी जतन सिंह गुर्जर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का आधिकारिक कार्यक्रम। इस अवसर पर योगेश कुमार दुबे, प्रदीप कुमार, राम कुमार, राजेश सहित अन्य संवर्ग कर्मचारी उपस्थित रहे।
पंचायती राज विभाग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और मंत्रालयिक कर्मचारियों की मौलिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लंबे समय तक लंबित रखे जाने के विरोध में सोमवार को डीग के कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा। ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश सिंह के नेतृत्व में लामबंद हुए मंत्रालयिक कर्मचारियों ने शासन की नीतियों के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए आठ सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी एवं विकास अधिकारी जतन सिंह गुर्जर को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनके नैसर्गिक न्याय की अनदेखी बंद नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है कि विगत दो वर्षों से पंचायती राज विभाग द्वारा संस्थाओं के मंत्रालयिक संवर्ग के 16,000 कर्मचारियों के प्रति अत्यंत भेदभावपूर्ण नीति अपनाई जा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 की जांच का बहाना बनाकर उनके हितों को जानबूझकर बाधित किया गया है। मंत्रालयिक संगठन का कहना है कि प्रशासनिक इतिहास में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जहां किसी भर्ती की जांच की आड़ में पूरे संवर्ग की जायज मांगों पर विचार करना ही बंद कर दिया गया हो। यह स्थिति न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का भी हनन है।
मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि विभाग द्वारा एक ही भर्ती की अलग-अलग स्तरों पर जांच कराना और मुख्य जांच अधिकारी को मंत्रालयिक मामलों से पृथक करने की संगठन की मांग को दरकिनार करना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। संगठन ने साक्ष्यों के साथ दावा किया है कि गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो प्रशासनिक मिलीभगत का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कर्मचारियों ने शासन पर आरोप लगाया कि वह किसी विशिष्ट संवर्ग के प्रभाव में आकर मंत्रालयिक कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान योगेश कुमार दुबे, प्रदीप कुमार, राम कुमार, राजेश, उमेश चंद प्रजापति, हीरा देवी, सुबोधनी सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने विभाग के इस नकारात्मक रवैये के विरुद्ध अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
