राष्ट्रीय लोक अदालत: लंबित और प्री-लिटिगेशन के 1937 मामलों का निस्तारण
जिला न्यायालय में आयोजित दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान वर्षों से लंबित पारिवारिक विवादों और बैंक संबंधी मामलों का आपसी समझौते से समाधान किया गया।

जिला मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बेंच में उपस्थित न्यायाधीश हेमराज गौड़, आनंद प्रकाश पटेल और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेनू सकीत मामलों की सुनवाई करते हुए।
जिला मुख्यालय पर शनिवार को द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें वर्षों से लंबित प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन बैंक संबंधी मामलों का प्रभावी निस्तारण किया गया। इस लोक अदालत में कुल 1456 पेंडिंग केसों एवं 481 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निस्तारण करते हुए पक्षकारों के मध्य समझौता कराकर बड़ी राहत प्रदान की गई।
लोक अदालत के दौरान पेंडिंग मामलों में 88,50,788 रुपए तथा प्री-लिटिगेशन मामलों में 3,32,97,451 रुपए की समझौता राशि पक्षकारों को दिलाई गई। विशेष रूप से एक 8 वर्ष पुराने पारिवारिक विवाद पुष्पा बनाम गणेशी वगैरा के मामले में पिता, पुत्री एवं पुत्रों के मध्य राजीनामा कराकर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कराया गया, जिससे वर्षों से चला आ रहा पारिवारिक विवाद समाप्त हुआ।
जिला मुख्यालय पर स्थापित प्रथम बेंच में जिला एवं सेशन न्यायाधीश हेमराज गौड़ तथा सदस्य आनंद प्रकाश पटेल उपस्थित रहे। वहीं द्वितीय बेंच में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेनू सकीत की अध्यक्षता में प्रवीण चौधरी एवं जुगीता मीणा तहसीलदार सदस्य के रूप में मौजूद रहे। दोनों बेंचों द्वारा संयुक्त रूप से मामलों का निस्तारण किया गया।
इस अवसर पर राजेंद्र कुमार शर्मा, विनोद कुमार शर्मा, डिफेंस काउंसिल अमरजीत सिंह एवं गजेंद्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते एवं त्वरित न्याय की भावना को बल मिला तथा बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण कर न्यायिक प्रक्रिया को गति प्रदान की गई।

Pratahkal Bureau
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