पंचायत समिति सभागार डीग में बुधवार को जिला स्तरीय नारी चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच को लेकर व्यापक संवाद स्थापित हुआ। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने की।

कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को गति देना, महिलाओं में नेतृत्व एवं निर्णय क्षमता का विकास करना तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की सुगम पहुंच सुनिश्चित करना रहा। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग, राजीविका, महिला अधिकारिता तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों की महिला प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथिन, आशा सहयोगिनी, कृषि सखी, बैंक सखी तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता दर्ज कराई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने उपस्थित महिलाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर होना और प्रशासनिक एवं पारिवारिक निर्णय प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं सरकारी योजनाओं का लाभ लें, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य वंचित महिलाओं तक भी इन योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

नारी चौपाल के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा की रोकथाम, डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की समस्या तथा लिंगानुपात में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशासनिक एवं व्यावहारिक जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम में जनसंवाद को प्रभावी बनाते हुए राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं और बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सामाजिक एवं आर्थिक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।

इसी क्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्रों के माध्यम से दी जाने वाली पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। वहीं महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की परामर्शदाता प्रियंका ने महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों तथा सुरक्षा तंत्र के संबंध में विस्तार से जागरूक किया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। इस आयोजन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रशासनिक प्रयासों और जनभागीदारी के समन्वय को एक सशक्त मंच प्रदान किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story