डीग जिले के गांव नरैना चौथ के ग्रामीणों ने गुरुवार को जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ से मुलाकात कर गांव में खुले शराब के ठेके को हटवाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव नरैना चौथ में 20 जुलाई को शराब का ठेका खोला गया है, जिसका उन्होंने विरोध जताया है। उनका कहना है कि गांव में ठेका खुलने के बाद वहां से गुजरने वाली स्कूली छात्राओं और महिलाओं का आवागमन मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही ठेके के पास शराब पीने वालों की भीड़ लगी रहती है, जिससे गांव का माहौल भी खराब हो रहा है।

ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक से गांव में खुले शराब के ठेके को हटवाने की मांग करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान विजय, भूपेंद्र, नैमसिंह, सतीश, वीरवल, वीरेंद्र, विशन, पीतम, जगन, हर दयाल, अजय, सहाब सिंह, छीतर, जीतराम, चन्दन, जगदीश, रतन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के साथ गांव में खुले शराब के ठेके को लेकर उनकी मांग प्रशासन तक पहुंचाई गई।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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