डीग में नारी जागरण सम्मेलन आयोजित, महिलाओं की भूमिका, संस्कार और पंचवटी निर्माण पर दिया गया जोर
डीग के गायत्री मंदिर में नारी जागरण सम्मेलन में महिलाओं की भूमिका, शिक्षा, संस्कार, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण पर विचार रखे गए। 28 और 29 जुलाई के कार्यक्रमों की भी घोषणा की गई।

नदबई के गायत्री मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित गायत्री परिवार के सदस्य।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में वंदनीय माता भगवती देवी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गायत्री मंदिर पर नारी जागरण सम्मेलन का आयोजन प्रधानाचार्या रजनी मुदगल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता गायत्री परिवार नदबई की संतोष रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता श्रीमती संतोष ने कहा कि नारी जागरण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समाज निर्माण की अग्रणी शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित करना, उन्हें आध्यात्मिक अधिकार दिलाना तथा उनमें छिपी हुई क्षमता को बाहर लाना है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति सृजेता और निर्मात्री है। वह अपनी संतान, अपने पति और पूरे परिवार का निर्माण करती है। उन्होंने बताया कि नारी जागरण के चार आधार शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और संस्कार हैं। माता अपने शरीर से शिशु का निर्माण करती है तथा गर्भस्थ शिशु में प्रसुप्त चेतना को जागृत एवं विकसित करने का कार्य अपने चिंतन और संस्कारों से ओत-प्रोत दुग्ध रूपी रसायन के माध्यम से करती है, जिससे बालक के चिंतन और दृष्टिकोण का भी निर्माण होता है।
प्रधानाचार्या रजनी मुद्गल ने कहा कि नारी परिवार की धुरी है और समाज निर्माण में उसका प्रमुख योगदान है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचवटी का निर्माण आवश्यक बताया। प्रिय सखी संगठन की संस्थापिका मोनिका जैन ने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार देने में नारी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रोशनी महिला मंडल की संस्थापिका मीरा ने कहा कि शिक्षित नारी ही परिवार और समाज को उन्नति के शिखर तक पहुंचाती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभा सिंह ने नारी विषय पर कविता प्रस्तुत की। पूर्व प्रधानाचार्या पुष्पा उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं को मोबाइल का उपयोग अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए करना चाहिए, न कि उसका गलत इस्तेमाल करना चाहिए।
जिला समन्वयक बृजभूषण शर्मा ने बताया कि 28 जुलाई को गायत्री मंदिर में अखंड जप तथा 29 जुलाई को पांच कुंडलीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर दीप यज्ञ आयोजित किया गया।
इस अवसर पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला संयोजक बृजेंद्र शर्मा, तहसील संयोजक मुकेश सिंह राजपूत, गायत्री शक्तिपीठ नदवई की टोली, कांता देवी, लक्ष्मी देवी, केदार नाथ बंसल, आशा सेठी, उर्मिला वैष्णव, सुकमा, विमलेश, सरला, शशि खंडेलवाल, अनीता, सुनील खंडेलवाल, शिवकुमार खंडेलवाल, प्रेमप्रकाश, मंजू अवस्थी, अशोक सेठी, कैलाश खंडेलवाल सहित अनेक गायत्री परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वीना मुद्गल ने किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
