Deeg News: खखावली के अखाड़े में उतरे गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, पहलवानों का हाथ मिलवाकर दिया ऐसा संदेश कि गूंज उठा पूरा पंडाल
डीग के खखावली गाँव में आयोजित ऐतिहासिक कुश्ती दंगल में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने शिरकत की। अखाड़े में उतरकर उन्होंने पहलवानों का हाथ मिलवाया और युवाओं को नशामुक्त रहने का संदेश दिया। मंत्री ने कुश्ती को ग्रामीण संस्कृति की पहचान और चरित्र निर्माण का माध्यम बताया। इस भव्य आयोजन में उमड़े जनसैलाब के बीच उन्होंने खेल सुविधाओं के विस्तार का आश्वासन भी दिया।

डीग: भारतीय संस्कृति की जड़ों में रची-बसी कुश्ती की परंपरा आज भी ग्रामीण अंचलों में किस कदर जीवित है, इसका ज्वलंत उदाहरण डीग जिले के बृजनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित खखावली गाँव में देखने को मिला। यहाँ आयोजित ऐतिहासिक विशाल कुश्ती दंगल में जनसैलाब उमड़ पड़ा और माहौल तब और भी जोश से भर गया जब प्रदेश के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म मुख्य अतिथि के रूप में अखाड़े में उतरे। धूल और पसीने की महक के बीच मंत्री बेढ़म ने न केवल पहलवानों का हौसला बढ़ाया, बल्कि समाज निर्माण में पारंपरिक खेलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए एक ऐसा संदेश दिया, जिसने वहां मौजूद हर युवा और बुजुर्ग को सोचने पर मजबूर कर दिया।
शुक्रवार को आयोजित इस भव्य समारोह में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने अखाड़े की मिट्टी को नमन करते हुए पहलवानों से आत्मीयता से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने अखाड़े के बीचो-बीच पहलवानों का हाथ मिलवाकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री बेढ़म ने कहा कि कुश्ती महज शारीरिक बल का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, धैर्य और चरित्र निर्माण की एक पवित्र पद्धति है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आधुनिकता की चकाचौंध के बीच भी हमारे गांवों ने कुश्ती जैसी प्राचीन सनातनी परंपरा को जीवित रखा है, जो अत्यंत सराहनीय है। खखावली का यह दंगल हमारी सनातन संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंतता का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जहाँ युवा जब मिट्टी में उतरता है तो वह केवल खेलता नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि का मान बढ़ाता है।
युवा शक्ति को दिशा देते हुए जवाहर सिंह बेढ़म ने मंच से एक गंभीर आह्वान भी किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सख्त जरूरत है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी असीम ऊर्जा को व्यर्थ के व्यसनों में नष्ट करने के बजाय सकारात्मक कार्यों और राष्ट्र-निर्माण में लगाएं। उनका कहना था कि एक सच्चा खिलाड़ी वही है जो न केवल खेल के मैदान में जीत हासिल करे, बल्कि जीवन की चुनौतियों में भी अनुशासित और सशक्त बना रहे, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।
सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने आयोजन समिति की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि दंगल जैसे आयोजन समाज के सभी वर्गों, जातियों और समुदायों को एक जाजम पर लाने का अद्भुत कार्य करते हैं। खेल की भावना आपसी भाईचारे और प्रेम को प्रगाढ़ करती है, जिससे सामाजिक ताना-बाना मजबूत होता है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए आश्वस्त किया कि सरकार ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने के लिए खेल संसाधनों और सुविधाओं के विस्तार हेतु निरंतर प्रयासरत है, ताकि हमारे ग्रामीण युवा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपनी और अपने क्षेत्र की पहचान बना सकें। इस ऐतिहासिक दंगल में स्थानीय जनप्रतिनिधि, दंगल कमेटी के पदाधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों से आए नामचीन पहलवान और बड़ी संख्या में ग्रामीण दर्शक उपस्थित रहे, जिन्होंने मंत्री के विचारों का करतल ध्वनि से स्वागत किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
