डीग में शिक्षक दिवस पर मेरी सहेली फाउंडेशन ने 100 बच्चों को बांटीं शैक्षणिक सामग्री
डीग में शिक्षक दिवस पर मेरी सहेली फाउंडेशन ने करीब 100 बच्चों को स्कूल बैग, पेन, लंच बॉक्स और पानी की बोतल निशुल्क बांटी।

तस्वीर में नए स्कूल बैग लिए हुए बच्चे और महिलाएं जमीन पर बैठे हैं।
डीग जिले में शनिवार को शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मेरी सहेली फाउंडेशन डीग की ओर से डीग के अऊ दरवाजा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर करीब 100 बच्चों को स्कूल बैग, पेन, लंच बॉक्स और पानी की बोतल निशुल्क वितरित की गई।
शैक्षणिक उपयोग की यह सामग्री पाकर सभी बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। संस्था की ओर से बच्चों को उनकी आगामी पढ़ाई से संबंधित जरूरतों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया।
इस अवसर पर मेरी सहेली फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रीति नीरज गर्ग, सचिव रोशनी चौधरी, कोषाध्यक्ष राजरानी गर्ग और सदस्य प्रीति यादव मौजूद रहीं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
