डीग, 20 अक्टूबर। शहर के युवा कवि और साहित्यकार मनोज मनु पाराशर को जीवरण फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान पाराशरीय ज्योतिष एवं जन्म कुंडली के क्षेत्र में 15 वर्षों के अनुभव, ज्ञान और समर्पित सेवाओं के लिए प्रदान किया गया।

मनोज मनु पाराशर ज्योतिष के साथ-साथ साहित्य, पांडित्य कर्म, संगीत और सामाजिक सक्रियता के माध्यम से भी निरंतर समाज को अपनी सेवाएं देते रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रियता और पाराशरीय ज्योतिष एवं जन्म कुंडली के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए जीवरण फाउंडेशन ने उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया।

इस अवसर पर जीवरण फाउंडेशन ने मनोज मनु पाराशर के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रदान कीं। राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026 से सम्मानित होने के साथ ही मनोज मनु पाराशर की ज्योतिष, साहित्य, संगीत और सामाजिक सेवा से जुड़ी गतिविधियां चर्चा में आई हैं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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