सावन के महीने में शिवालयों में प्रतिदिन पूजार्चना के बीच महाशिवरात्रि के अवसर पर जिले में विभिन्न धार्मिक आयोजन किए गए। हवन-यज्ञ और भजन-कीर्तन में भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, वहीं शिवभक्तों ने शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर डाक कांवड़ियों ने हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव शंकर का जलाभिषेक किया। शिवभक्तों ने पंचामृत से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर आक, धतूरा, बेलपत्र, पुष्प और फल चढ़ाकर विधिवत पूजा की। इसके साथ ही इत्र और चंदन आदि से भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न किया गया।

शिवालयों में पूजा-अर्चना के दौरान शिवभक्तों द्वारा लगाए गए ‘बम भोले’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ से खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।

वहीं, नवयुवतियों ने सुंदर और सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए भगवान आशुतोष का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने भी महाशिवरात्रि के अवसर पर उपवास रखा। जिलेभर में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ हुए इन आयोजनों में भक्तों ने भगवान शिव की पूजा कर अपनी मनोकामनाओं और सुख-समृद्धि की कामना की।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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