डीग के गांव अऊ में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर मुख्य मार्गों से होकर विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इससे पूर्व महाराणा प्रताप के चित्र के समक्ष उन्हें तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर महाराणा प्रताप के जयकारों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात गांव में शोभायात्रा का आयोजन किया गया।

शोभायात्रा के दौरान पूरे गांव में लोगों ने पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया। इस शोभायात्रा में रमेश ठाकुर, पुष्पेंद्र सिंह माइकल, वीरेंद्र सिंह राजपूत ठाकुर, उदल जादौन और थान ठाकुर सहित सर्व समाज के युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल रहे।

गांव अऊ में आयोजित यह आयोजन महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश देता नजर आया। शोभायात्रा के माध्यम से समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का भी प्रभावी संदेश प्रसारित हुआ।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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