देश के प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 की क्रांति के प्रणेता कोतवाल धन सिंह गुर्जर चपराना का रविवार को ग्राम परमदरा में गुर्जर समाज द्वारा भावपूर्ण स्मरण कर क्रांति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम प्रिंसिपल शिवराम सिंह गुर्जर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जहां उनके चित्र पर दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कोतवाल धन सिंह गुर्जर चपराना के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे 1857 की क्रांति के जनक नायक और प्रणेता थे। उन्होंने ही 10 मई 1857 को मेरठ से अंग्रेजी शासन के विरुद्ध क्रांति की शुरुआत की थी। उनके नेतृत्व में पुलिस बल, सेना तथा मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, देहरादून और बिजनौर के हजारों गुर्जरों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था।

वक्ताओं ने बताया कि कोतवाल धन सिंह गुर्जर ने मेरठ कोतवाली और जेल को तोड़कर कैदियों को रिहा कराया तथा अंग्रेजों के सरकारी हथियार और गोला-बारूद जब्त कर संपूर्ण मेरठ क्षेत्र को अंग्रेजों से मुक्त कराया। इसके बाद वे हजारों गुर्जरों के साथ दिल्ली की ओर कूच कर गए, ताकि अंग्रेजों को वहां से भी खदेड़ा जा सके। उनके नेतृत्व में उठी क्रांति की चिंगारी ने पूरे देश में स्वतंत्रता संग्राम की आग भड़का दी थी।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कोतवाल धन सिंह गुर्जर मेरठ कोतवाली में कोतवाल पद पर कार्यरत थे। उनका जन्म मेरठ के पांचली खुर्द गांव में एक गुर्जर परिवार में हुआ था। वक्ताओं के अनुसार उनके पूर्वज सैकड़ों वर्ष पूर्व ग्राम परमदरा से मेरठ जाकर बसे थे। उनके भीतर देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी, जिसके चलते अंग्रेजों की सेवा में रहते हुए भी उन्होंने विद्रोह का मार्ग चुना और मां भारती की स्वतंत्रता के लिए हजारों गुर्जरों के साथ अपने प्राणों का बलिदान दिया।

इस अवसर पर 1857 की क्रांति में कोतवाल धन सिंह गुर्जर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने वाले गुर्जर समाज के सभी क्रांतिकारियों का भी भावपूर्ण स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में भारत सरकार से कोतवाल धन सिंह गुर्जर चपराना को भारत रत्न देने की मांग उठाई।

कार्यक्रम में गुर्जर समाज डीग अध्यक्ष आनंद प्रकाश पटेल, युवा गुर्जर महासभा एवं राष्ट्रीय लोक दल प्रदेश सचिव भुल्लन सिंह गुर्जर, बुगलसिंह, मक्खन सिंह, कैप्टन अवधेश सिंह, बच्चू पहलवान, हवलदार सियाराम, अशोक मास्टर, भूपेंद्र लंबरदार, सुरेंद्र सिंह, लच्छो पटेल, धर्मेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह, ओंकार सिंह, देवेंद्र सिंह सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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