आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने गुरुवार को कामां उपखंड मुख्यालय पर ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की। अटल जन सेवा शिविर के तहत आयोजित इस जनसुनवाई में जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याओं को सीधे सुना तथा संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामले सामने आए। परिवादियों ने भूमि रूपांतरण पर पुनर्विचार, नामांतरण प्रक्रिया में आ रही बाधाओं, न्यायालय की डिक्री से पूर्व की स्थिति बनाए रखने तथा भूमि पैमाइश में हो रही देरी से संबंधित शिकायतें प्रस्तुत कीं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्थायी पटवारी की नियुक्ति की मांग भी रखी। कुछ मामलों में तहसीलदार और पटवारी द्वारा कथित रूप से गलत रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की शिकायतें भी सामने आईं। इस पर जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निष्पक्षता और मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व मामलों से जुड़े नोटिसों की समय पर तामीली सुनिश्चित करने और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की बात कही।

जनसुनवाई में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माणों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। नागरिकों ने कस्बा कामां नंबर-2 स्थित शीतल कुंड के आगम मार्ग से अतिक्रमण हटाने, सूरज कुंड की सुरक्षा के लिए चारदीवारी निर्माण कराने तथा स्थानीय सार्वजनिक बगीची को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखने की मांग रखी। इसके अलावा विभिन्न सार्वजनिक मार्गों पर हो रहे अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों को रोकने की मांग भी की गई। जिला कलेक्टर ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं और अवसंरचना से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। चंबल परियोजना के तहत जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने, पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और नालियों की मरम्मत कराने तथा ड्रेनेज अवरोध के कारण होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान की मांग की गई। इसके अतिरिक्त रामेश्वर लंका मार्ग पर कचरे के ढेरों को स्थायी रूप से हटाने और सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संविदा व्यवस्था लागू करने संबंधी प्रार्थना पत्र भी सौंपे गए। जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए परिवादियों को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान किसानों ने कृषि विद्युत कनेक्शनों को थ्री-फेज में परिवर्तित करने की मांग भी उठाई, जिस पर जिला कलेक्टर ने विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त सभी परिवादों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में समाधान प्रस्तुत करने के लिए पाबंद किया गया। यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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