बामनी ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर बना उम्मीदों का केंद्र, दो परिवारों को मिला आवासीय पट्टों का त्वरित लाभ
कामां उपखंड के बामनी गांव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ने दो जरूरतमंद परिवारों की जिंदगी बदल दी। लंबे समय से लंबित आवासीय पट्टों का निस्तारण मौके पर ही कर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया, जिससे ग्रामीणों में उत्साह फैल गया।

कामां के बामनी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में बुधवार को राजस्व विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीण लाभार्थियों को आवासीय भूमि का पट्टा सौंपकर मालिकाना हक प्रदान किया गया।
ग्रामीणों की स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को कामां उपखंड की ग्राम पंचायत बामनी में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राजस्व विभाग एवं उपखंड स्तरीय टीम की सक्रिय भूमिका के चलते लंबित आवासीय पट्टा प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जिससे ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली।
शिविर के दौरान आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के कार्मिकों ने मौके पर ही आवश्यक कार्यवाही करते हुए कई मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इस दौरान ग्रामीणों में प्रशासनिक सक्रियता को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।
शिविर में दो जरूरतमंद परिवारों के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला, जहां लंबे समय से आवासीय भूमि के विधिक दस्तावेजों के अभाव में बैंक ऋण प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ग्राम बामनी निवासी टेकचंद पुत्र भूपनराम अपने स्वयं के पक्के घर के निर्माण के लिए बैंक से ऋण लेना चाहते थे, लेकिन उनके पास भूमि स्वामित्व से संबंधित वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। शिविर की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर राजस्व अधिकारियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही आवासीय भूमि का पट्टा जारी कर सौंप दिया।
इसी प्रकार, दुलीचंद भी अपने आवास को विधिक रूप देने की समस्या से जूझ रहे थे, जिससे बैंक ऋण प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न हो रही थी। उनके प्रकरण पर भी शिविर में मौजूद अधिकारियों ने त्वरित प्रक्रिया पूरी करते हुए आवासीय पट्टा जारी कर उन्हें मालिकाना अधिकार प्रदान किया।
मौके पर ही आवासीय पट्टा मिलने से दोनों लाभार्थी परिवारों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली और उनके पक्के घर के सपने को नई दिशा मिली। विधिक दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद अब इनके लिए बैंक ऋण प्राप्त करना भी सरल हो गया है। शिविर में मौजूद ग्रामीणों एवं लाभार्थियों ने प्रशासन की इस त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
