डीग में भागवत कथा के छठवें दिन भक्ति और ज्ञान का गूंजा संदेश
कामां रोड स्थित लाल मुरारी लाल अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित भागवत कथा के छठे दिन पंडित मुरारी लाल पाराशर ने रुक्मणी विवाह और उद्धव चरित्र प्रसंग पर ज्ञानवर्धक प्रवचन दिए।

कामां रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान व्यास पीठ पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते भागवताचार्य पंडित मुरारी लाल पाराशर।
कामां रोड स्थित लाल मुरारी लाल अग्रवाल स्मृति धर्मशाला एवं सेवा संस्थान ट्रस्ट अग्रवाल समाज के तत्वाधान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच प्रवचन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर व्यास पीठ पर विराजमान भागवताचार्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने श्रद्धालुओं को कथा के माध्यम से जीवन के आध्यात्मिक और लौकिक महत्व से अवगत कराया।
कथा के दौरान पंडित पाराशर ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ के श्रवण मात्र से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट हो जाते हैं और प्राणी मात्र का लौकिक एवं आध्यात्मिक विकास संभव होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य युगों में धर्म लाभ और मोक्ष प्राप्ति के लिए कठोर साधना करनी पड़ती थी, जबकि कलियुग में केवल कथा श्रवण से ही व्यक्ति भवसागर से पार हो सकता है।
प्रवचन में उन्होंने रुक्मणी विवाह, उद्धव चरित्र, कंस वध और महारास जैसे प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उद्धव चरित्र की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रसंग मनुष्य को अहंकार त्यागने, ज्ञान की अपेक्षा प्रेम और शुद्ध भक्ति के महत्व को समझने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि ईश्वर की प्राप्ति केवल शुष्क ज्ञान या तर्क से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सच्चा, समर्पित और निर्मल हृदय आवश्यक है। उद्धव जी की शिक्षाएँ भक्तों को धैर्य, समर्पण और प्रेम के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की सीख प्रदान करती हैं।
कथा के छठवें दिन का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक चेतना और भक्ति भाव को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने गहन श्रद्धा के साथ प्रवचनों का श्रवण किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
