ग्रामीण सेवा शिविर में दो परिवारों का वर्षों का इंतजार खत्म, पल्ला में मौके पर मिले आवासीय पट्टे
डीग के ग्राम पंचायत पल्ला में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान दो जरूरतमंद परिवारों को मौके पर आवासीय पट्टे मिले, जिससे वर्षों पुराना मालिकाना हक का इंतजार समाप्त हुआ।

तस्वीर में बाएं से दाएं अधिकारी और ग्रामीण कामां के पल्ला ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर के दौरान एक लाभार्थी को आवासीय पट्टा सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन को स्थानीय स्तर पर राहत पहुंचाने और उनके आशियाने को वैधानिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर बुधवार को उपखंड कामां की पंचायत समिति कामां के अंतर्गत ग्राम पंचायत पल्ला में दो जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। प्रशासन की मुस्तैदी और संवेदनशीलता के चलते दोनों परिवारों का अपने स्वयं के घर का वैध मालिकाना हक पाने का वर्षों पुराना इंतजार एक ही दिन में समाप्त हो गया और उन्हें मौके पर ही ऑन-द-स्पॉट आवासीय पट्टे सौंप दिए गए।
ग्राम पंचायत पल्ला में आयोजित शिविर के दौरान एक ही गांव के दो परिवारों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान एक ही छत के नीचे हुआ। पल्ला निवासी महेन्द्र पुत्र बबलेश गुर्जर अपने पैतृक मकान का पट्टा प्राप्त करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। शिविर में उनका आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व अधिकारियों की टीम ने पात्रता की जांच की और आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मौके पर ही उन्हें आवासीय पट्टा सुपुर्द कर दिया।
इसी शिविर में पल्ला गांव के ही एक अन्य परिवार को भी वर्षों से प्रतीक्षित राहत मिली। स्थानीय निवासी महावीर पुत्र बृजी गुर्जर को भी उनके आवासीय मकान का पट्टा प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिविर में ही जारी कर सौंप दिया। बिना किसी कार्यालय की दौड़-भाग और जटिल तकनीकी अड़चनों के अपने ही गांव में आयोजित शिविर के दौरान घर का वैध मालिकाना हक मिलने से महावीर के परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्हें भविष्य के लिए स्वामित्व की सुरक्षा का भरोसा मिला।
ग्राम पंचायत पल्ला के भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र पर आयोजित इस शिविर में एक ही दिन में गांव के दो जरूरतमंद परिवारों को अपने आशियाने का वैध अधिकार मिलने से पूरे ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। समाज के अंतिम पंक्ति के नागरिकों को संबल प्रदान करने और उनकी बुनियादी विधिक समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने की इस पहल पर उपस्थित ग्रामीणों और लाभार्थियों ने राज्य सरकार तथा स्थानीय उपखंड प्रशासन की पारदर्शी और जनहितैषी कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
