जनूथर में जन सुविधाओं की कमी: तहसील कार्यालय में सौंपा गया ज्ञापन
भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा ने बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ तहसीलदार को ज्ञापन देकर 15 दिनों में समाधान की चेतावनी दी।

भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रभान गुप्ता और अन्य ग्रामीण जनूथर तहसील में बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए।
जनूथर (डीग): डीग जिले की तहसील जनूथर में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आमजन का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रभान गुप्ता के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार जनूथर को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में क्षेत्र की बदहाल बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं सहित व्याप्त भ्रष्टाचार से निजात दिलाने की गुहार लगाई गई है।
ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि भरतपुर जिले के मुख्यमंत्री होने के बावजूद जनूथर क्षेत्र पिछले एक महीने से गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है, जहां 24 घंटे में मात्र 3 से 4 घंटे ही विद्युत आपूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी के इस दौर में आम जनता पूरी रात जागकर गुजारने को मजबूर है, जबकि विद्युत विभाग और जिला प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है। पानी के संकट पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि अगस्त 1998 में तत्कालीन जलदाय मंत्री स्वर्गीय सांवरमल जाट द्वारा जनूथर के लिए 36 लाख रुपये की पेयजल योजना स्वीकृत की गई थी, जिसका उद्देश्य हर घर तक पानी पहुंचाना था, लेकिन 27 साल बीत जाने के बाद भी आधी आबादी आज भी बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी दयनीय है; सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रात्रि कालीन चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण आमजन को उपचार नहीं मिल पा रहा है। कस्बा स्थित अटल प्रगति पथ के निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए बताया गया कि ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी (PWD) अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बिना नाली निर्माण कराए ही राशि स्वीकृत करा ली, जिससे बाजार में गंदे पानी और जलभराव की समस्या बनी हुई है। वहीं, अन्नपूर्णा रसोई घर में सुविधाओं का घोर अभाव है, जहां वाटर कूलर, कंप्यूटर और एडजस्टर जैसी मशीनें कबाड़ हो चुकी हैं। कार्यरत् सहायिकाओं को पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिला है, जबकि महंगाई के इस दौर में उन्हें मिलने वाला 4 से 5 हजार रुपये का मानदेय 'ऊँट के मुंह में जीरे' के समान है। चंद्रभान गुप्ता ने मुख्यमंत्री से इस मानदेय को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रतिमाह करने की पुरजोर मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विवेक कुमार, गोविंद शाक्य, योगेश उर्फ राज दीवान, श्याम पाराशर, वेदप्रकाश शर्मा, दीपक शर्मा, चंद्रशेखर सैनी और घनश्याम सैनी सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 15 जून से चंद्रभान गुप्ता ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन की होगी।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
