जनूथर में एक माह से बंद पड़ा आरओ प्लांट, पेयजल संकट गहराया, PHED पर लापरवाही के आरोप
डीग के जनूथर में देवी मंदिर के पास लगा आरओ प्लांट एक माह से खराब है। पेयजल संकट गहराने पर लोगों ने PHED की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

तस्वीर में जनूथर तहसील के देवी मंदिर के समीप स्थित एक क्षतिग्रस्त और खुला हुआ नीले रंग का आरओ प्लांट शेड दिख रहा है, जिसके सामने एक जलस्रोत स्थित है।
जिले की तहसील जनूथर में देवी के मंदिर के समीप स्थापित आरओ प्लांट लगभग एक माह से खराब पड़ा है, जिससे आमजन को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच आरओ प्लांट बंद रहने से क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र और राज्य में "डबल इंजन" की सरकार होने के बावजूद जमीनी स्तर पर जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। उनका आरोप है कि सरकारी आरओ प्लांट खराब पड़े होने से जनूथर तहसील में पेयजल को लेकर हाहाकार की स्थिति बनी हुई है।
बताया गया कि देखरेख और बजट के अभाव में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित ये योजनाएं अब सफेद हाथी साबित हो रही हैं। आम जनता, जो शुद्ध और फ्लोराइड-मुक्त पानी के लिए इन आरओ प्लांटों पर निर्भर थी, वह अब गंदा और दूषित पानी पीने या फिर महंगे दामों पर निजी टैंकर और पानी की बोतलें खरीदने को मजबूर है।
भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रभान गुप्ता, योगेश शर्मा, विवेक चौधरी, गोविन्द सिंह, देवेंद्र पहलवान, कपिल चौधरी एवं अन्य लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे कि डबल इंजन सरकार आते ही पानी और बिजली की समस्या का समाधान चुटकियों में कर दिया जाएगा। उनका आरोप है कि आरओ प्लांट महीनों से बंद होने की शिकायत किए जाने के बावजूद जलदाय विभाग (PHED) के अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आरओ प्लांट को शीघ्र चालू कर आमजन को राहत प्रदान की जाए, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।

Pratahkal Bureau
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