डीग, 31 अक्टूबर। विश्व विख्यात भागवताचार्य पंडित इन्द्रेश उपाध्याय ने डीग की प्राचीन ब्रज संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि मथुरा-वृंदावन अब आधुनिक ब्रज बन गए हैं, जबकि पुराना ब्रज आज भी डीग में दिखाई देता है। उन्होंने डीग के प्रति अपना विशेष लगाव जाहिर करते हुए यहां बसने की इच्छा भी व्यक्त की।

शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर चौक पर श्री बृज लठावन धाम एवं स्थानीय रामलीला महोत्सव समिति डीग के तत्वावधान में आयोजित श्री कृष्ण लीला एवं भक्त चरितामृत लीला में रुक्मणी मंगल लीला का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह प्रसंग को दर्शाया गया। लीला में बताया गया कि रुक्मणी का विवाह शिशुपाल से तय किया जा रहा था, जबकि वह भगवान श्रीकृष्ण यानी द्वारकाधीश को अपना पति बनाना चाहती थीं। भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मणी की इच्छा का सम्मान करते हुए उनका हरण किया और उनसे विवाह किया।

इस अवसर पर विश्व विख्यात भागवत भास्कर परम पूज्य आचार्य पंडित इन्द्रेश उपाध्याय रासलीला मैदान पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धालुओं को ब्रज की महिमा और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी। आयोजन के दौरान 'जल महलों की नगरी ऐसो चटक-मटक सौ ठाकुर' और 'तीनों लोकन में नाये' सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं। भजनों से आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।

इन्द्रेश उपाध्याय ने डीग की प्राचीन ब्रज संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि मथुरा-वृंदावन अब आधुनिक ब्रज बन गए हैं, जबकि पुराना ब्रज तो डीग में ही है। उन्होंने डीग के प्रति अपना विशेष लगाव जाहिर करते हुए कहा कि कभी-कभी वृंदावन छोड़कर डीग में आकर रहने का मन करता है। यदि यहां कहीं जगह मिल जाए तो उनकी डीग में ही बसने की इच्छा है। उनके इस कथन से आयोजन स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजक समिति की ओर से उपाध्याय का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान भागवत भास्कर आचार्य पंडित इन्द्रेश उपाध्याय ने डीग के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पहुंचकर दर्शन भी किए। मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर ने उन्हें मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व और डीग के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी। इस दौरान आयोजक समिति की ओर से उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर समिति के मुख्य संरक्षक एवं लक्ष्मण मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर, प्रकाश पाराशर, गौरी शंकर पाराशर, नगर परिषद सभापति अर्पित गुप्ता, खेमचंद कोली, इन्द्रमोहन शर्मा, आचार्य गणेश दत्त पाराशर, बबली शर्मा, पंकज पाराशर, पंकज सौखिया, खग्गू पंडित, नीरज पाराशर, मनोज बीड़ी वाले, लोकेन्द्र शर्मा, मोहित पाराशर, रवि बौहरे, काव्य पाराशर तन्नू, शिवम उपाध्याय, कौष्तुभ उपाध्याय, मनोज पाराशर मनु और सुनील पाराशर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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