कृषि विज्ञान केंद्र ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम किया
करौली के ढिंढोरा और बदरपुर स्कूलों के 110 विद्यार्थियों ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और जैविक खेती के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी प्राप्त की।

हिंडोन के कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक मृदा स्वास्थ्य और उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए।
हिंडोन में कृषि विज्ञान केंद्र करौली द्वारा उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सीनियर सेकेंडरी स्कूल ढिंढोरा के कृषि संकाय के 50 विद्यार्थियों तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूल बदरपुर की 12वीं कक्षा के 60 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं कृषकों को उर्वरकों और कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. बी.एस. मीणा ने कहा कि वर्तमान में अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरकता शक्ति निरंतर समाप्त होती जा रही है, जिससे न केवल मृदा की उत्पादक क्षमता प्रभावित हो रही है बल्कि किसानों के धन की अनावश्यक बर्बादी भी हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यकता से अधिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग दीर्घकालीन कृषि उत्पादन के लिए हानिकारक है, इसलिए संतुलित उपयोग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. आर. के. मीणा ने छात्रों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों, किसानों और युवाओं के सामने आने वाली समस्याओं तथा उनके समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मृदा की उत्पादक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इसके साथ ही वातावरण एवं मृदा प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
केंद्र के तकनीकी सहायक सत्यनारायण गुर्जर ने फसलों में उपयोग किए जाने वाले खाद एवं उर्वरकों की वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती के विकल्पों पर चर्चा करते हुए किसानों को भविष्य में इन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए कृषि प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर कृषि संबंधी विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। यह संवादात्मक पहल छात्रों में कृषि के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों एवं कृषकों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया, जिससे मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और कृषि की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
