डीग: ग्रामीण सेवा शिविर ने दी टीबी से जूझ रहे युवा को नई जिंदगी, 6 महीने के इलाज बाद हुए स्वस्थ
डीग के अस्तावन गांव में ग्रामीण सेवा शिविर ने एक टीबी पीड़ित युवक को नई जिंदगी दी है। छह महीने के निशुल्क इलाज और सरकारी सहयोग से कैसे मिली टीबी से मुक्ति? स्वास्थ्य विभाग की इस प्रेरणादायक सफलता की पूरी कहानी जानें।

डीग के अस्तावन में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टीबी से पीड़ित अरुण कुमार को उपचार देकर पूरी तरह स्वस्थ किया।
डीग, 18 जून। राज्य सरकार द्वारा आमजन को स्थानीय स्तर पर राहत पहुँचाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से संचालित ‘ग्रामीण सेवा शिविर-2026’ अब जीवन रक्षा और स्वास्थ्य नवाचारों की मिसाल बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में, गुरुवार को डीग जिले की ग्राम पंचायत अस्तावन में आयोजित शिविर के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की तत्परता ने एक युवा को टीबी जैसी गंभीर बीमारी के चंगुल से मुक्त कराकर नई जिंदगी प्रदान की है। यह घटना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को दर्शाती है, बल्कि सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन से आने वाले सकारात्मक बदलाव का प्रमाण भी है।
अस्तावन निवासी अरुण कुमार, पुत्र हरभान, पिछले कुछ समय से टीबी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लगातार खांसी, अत्यधिक शारीरिक कमजोरी और निरंतर गिरते वजन के कारण उनकी स्थिति नाजुक होती जा रही थी, जिससे उनका परिवार गहरे संकट में था। इस चुनौतीपूर्ण समय में स्थानीय आशा कार्यकर्ता और चिकित्सा विभाग की फील्ड टीम ने सक्रियता दिखाते हुए अरुण को चिन्हित किया और उन्हें राजकीय स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत कर तत्काल उपचार की परिधि में लिया। योजना के तहत, शिविर और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से उन्हें पूरी तरह निशुल्क जांचें, जीवन रक्षक दवाइयां और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु विशेष पोषण किट उपलब्ध कराई गई।
अरुण कुमार ने चिकित्सा विभाग की सतत निगरानी में छह महीने का निर्धारित उपचार चक्र पूरी नियमितता के साथ पूर्ण किया। इस अवधि में चिकित्सकों ने न केवल उनके स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच की, बल्कि पोषण किट के माध्यम से उन्हें संतुलित आहार भी सुनिश्चित कराया। गुरुवार को आयोजित शिविर में जब चिकित्सकों ने अरुण कुमार की गहन स्वास्थ्य जांच और चेस्ट एक्स-रे किया, तो उन्हें टीबी मुक्त और पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर दिया गया। बीमारी से निजात मिलने पर अरुण और उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने इस निशुल्क और जीवन रक्षक उपचार के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। यह सफलता गाथा ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी सुदृढ़ीकरण और जनकल्याणकारी नीतियों के सार्थक परिणामों को रेखांकित करती है।

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